करनाल | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में निरंतर नए प्रयास किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में नमो भारत ट्रेन के दो बड़े प्रोजेक्ट्स पर जल्द ही धरातल पर काम शुरू होने की उम्मीद जग उठी है. बता दें कि इस परियोजना के तहत करनाल से दिल्ली और रेवाड़ी के बावल से दिल्ली तक रैपिड ट्रेन संचालित की जाएगी.
इन दोनों ही परियोजनाओं की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (PIB) ने मंजूरी प्रदान कर दी है. अब इन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में अनुमोदन के लिए रखा जाएगा. वहां से मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया को हरी झंडी दिखा दी जाएगी.
करनाल व बावल के लिए दौड़ेगी रैपिड ट्रेन
करनाल से दिल्ली रैपिड ट्रेन कॉरिडोर की बात करें तो यह 136 किलोमीटर लंबा होगा. यहां करनाल से रैपिड ट्रेन मुरथल, कुंडली होते हुए दिल्ली का सफर तय करेगी. इस रूट पर करनाल से दिल्ली की दूरी मात्र 90 मिनट में तय हो जाएगी. इस रूट पर फिलहाल 17 स्टेशन प्रस्तावित है.
बावल से दिल्ली तक रैपिड मेट्रो कॉरिडोर की लंबाई 93 किलोमीटर होगी. यहां रैपिड ट्रेन रेवाड़ी, धारूहेड़ा, पंचगांव, मानेसर, गुरुग्राम होते हुए दिल्ली की यात्रा तय करेगी. इस रूट पर 13 स्टेशन प्रस्तावित है. इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर बावल से दिल्ली की दूरी लगभग एक घंटे में पूरा हो जाएगी.
इन शहरों तक विस्तार की योजना
हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट काॅर्पोरेशन (HMRTC) के प्रबंध निदेशक चंद्रशेखर खरे ने बताया कि इन दोनों प्रोजेक्ट्स के पूरा होने पर दिल्ली की यात्रा बेहद सुखदाई हो जाएगी. दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत लाखों लोगों को सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी के रूप में एक तेज गति का विकल्प मिलेगा. इन प्रोजेक्ट्स को आवंटन के करीब 4 साल के भीतर पूरा कर लिया जाएगा.
उन्होंने बताया कि HMRTC ने भविष्य की योजनाएं भी प्रस्तावित की हैं जिसमें हरियाणा के 5 शहरों को जगह दी गई है. इनमें दिल्ली-फरीदाबाद-बल्लभगढ़-पलवल तक परियोजना का विस्तार किया जाएगा. इसके अलावा दिल्ली-बहादुरगढ़-रोहतक तक विस्तार की परियोजना भी प्रस्तावित है. इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से बड़ी आबादी के लिए सफर करना आसान हो जाएगा.
