चंडीगढ़ | हरियाणा की नायब सैनी सरकार किसानों और मजदूरों के हितों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर नए प्रयास कर रही है. इसी कड़ी में हरियाणा मार्केटिंग बोर्ड द्वारा प्रदेश के किसानों एवं खेतिहर मजदूरों के लिए ‘मुख्यमंत्री किसान एवं खेतिहर मजदूर जीवन सुरक्षा योजना’ संचालित की गई है.

यदि खेती- बाड़ी का काम करते समय (खेत या मंडी में) किसी किसान या मजदूर भाई के साथ कोई दुर्घटना हो जाती है तो सरकार की ओर से आर्थिक सहायता राशि का लाभ दिया जाता है. प्रदेश सरकार ने इस योजना में आयु सीमा की बाध्यता को भी खत्म कर दिया है. अब 10 वर्ष से कम आयु के बच्चे और 65 वर्ष से अधिक आयु वाले व्यक्तियों को भी इस योजना के तहत लाभ मिल सकेगा.
इतने रुपए मिलेगी आर्थिक मदद
- खेती- बाड़ी या मंडी में काम करने के दौरान मृत्यु होने पर 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि का लाभ मिलेगा.
- रीढ़ की हड्डी टूटने पर (स्थायी अपंगता) पर ढाई लाख रुपए की मदद मिलेगी.
- दो अंग कटने पर: 1,87,500 रुपए
- एक अंग कटने पर: एक लाख 25 हजार रुपए
- चारों उंगलियां कटने पर: सवा लाख रुपए
- पूरी उंगली कटने पर: 75 हजार रुपए
- उंगली का कुछ हिस्सा कटने पर: साढ़े 37 हजार रुपए
सबसे जरूरी बात
पीड़ित किसान या खेतिहर मजदूर को दुर्घटना के 60 दिन के भीतर आर्थिक सहायता राशि के लिए आवेदन करना होगा. देरी होने पर इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा. इसके लिए हरियाणा स्टेट एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड (HSAMB) की आधिकारिक वेबसाइट या संबंधित क्षेत्र के सचिव के पास आवेदन करना होगा.
इन दस्तावेजों की होगी जरूरत
- फैमिली आईडी
- आधार कार्ड
- पुलिस रिपोर्ट
- मेडिकल रिपोर्ट/ पोस्टमार्टम रिपोर्ट
- बैंक पासबुक