अंबाला | हरियाणा के अंबाला जिले में स्थित शीतला माता मंदिर में हर साल बसौड़ा के अवसर पर बड़े मेले का आयोजन किया जाता है. इस मेले में हजारों श्रद्धालु दूर- दूर से माता शीतला के दर्शन करने के लिए आते है. यहां की मान्यता है कि माता शीतला की पूजा करने से त्वचा से जुड़ी बीमारियां और अन्य रोग दूर हो जाते है. मां शीतला देवी को रोगों से रक्षा करने वाली देवी कहा जाता है.
दूर- दूर से आते है श्रद्धालु
इस मेले में हरियाणा के लोग ही नहीं बल्कि दूसरे राज्यों से भी श्रद्धालु पूजा करने आते है. मान्यता के अनुसार, होली के बाद आने वाले पहले मंगलवार को शीतला माता की विशेष पूजा की जाती है. इस दिन श्रद्धालु माता को बासी भोजन यानि बसौड़ा का भोग लगाते है. एक दिन पहले घरों में पूड़ी, मीठे चावल और अन्य पकवान बनाकर अगले दिन माता को अर्पित किए जाते है और फिर प्रसाद के रूप में ग्रहण किए जाते है. ऐसी मान्यता है कि इस प्रसाद को खाने से शरीर के कई रोग मिट जाते है.
दूर होते है कई रोग
अंबाला के मुलाना क्षेत्र के जागधौली गांव में लगने वाला यह मेला काफी प्राचीन माना जाता है. यहां पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के विभिन्न जिलों के श्रद्धालु मां शीतला देवी के दर्शन करने आते है. श्रद्धालुओं का विश्वास है कि माता शीतला की कृपा से चेचक, बुखार, फोड़े- फुंसी और त्वचा से जुड़ी बीमारियों से राहत मिलती है और परिवार में सुख- समृद्धि बनी रहती है.
बड़ी संख्या में लोग यहां मन्नत मांगने आते है और मन्नत पूरी होने के बाद विशेष पूजा- अर्चना करते है. कई परिवार तो अपने बच्चों का मुंडन संस्कार भी यही करवाते है. माता शीतला सब पर अपनी कृपा बरसाती है.
