नूंह | देर- सवेर ही सही, आखिरकार NCR के नूंह जिले की आबादी के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है. अच्छी खबर यह है कि नूंह- अलवर हाइवे के फोरलेन निर्माण परियोजना को एक साल के लंबे इंतजार के बाद वन विभाग ने सशर्त मंजूरी प्रदान कर दी है. 113 एकड़ वन भूमि डायवर्सन की अनुमति मिलने से इस सड़क मार्ग के फोरलेन बनने की तस्वीर साफ हो गई है.
फोरलेन निर्माण को मंजूरी
गुरुग्राम- अलवर नेशनल हाईवे के नूंह से अलवर सीमा तक के हिस्से को फोरलेन बनाया जाएगा. 46 किलोमीटर लंबे इस हिस्से को फोरलेन बनाने की मांग दशकों से चली आ रही है. केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय द्वारा पिछले साल 31 मार्च को इस प्रोजेक्ट के लिए 480.44 करोड़ रुपए की बजट राशि को मंजूरी दी गई थी.
इस प्रोजेक्ट के तहत नूंह से राजस्थान के नौगावां बार्डर तक सड़क मार्ग का चौड़ीकरण किया जाएगा. भादस व मालब गांवों के ऊपर से बाईपास का निर्माण किया जाएगा ताकि वाहनों को गांव की भीड़-भाड़ से दूर रखा जा सके.
करीब 1 साल की प्रक्रिया के बाद पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के चंडीगढ़ स्थित क्षेत्रीय कार्यालय ने 113 एकड़ वन भूमि के डायवर्जन को सशर्त मंजूरी दे दी गई है. टेंडर प्रक्रिया 21 जनवरी को पूरी हुई थी. अब दो दिन पहले परियोजना को वन विभाग की स्वीकृति मिल गई है. अब निर्माण एजेंसी को वन संरक्षण अधिनियम 1980 के तहत निर्धारित शर्तों का पालन करते हुए प्रतिपूरक वनीकरण और वन भूमि की कीमत राशि परिवेश पोर्टल के माध्यम से जमा करानी होगी.
खूनी सड़क का मिला दर्जा
पिछले करीब डेढ़ दशक में इस सड़क मार्ग पर हुई दुर्घटनाओं के चलते दो हजार से ज्यादा लोग मौत के आगोश में समा चुके हैं. सड़क संकरी होने और ट्रैफिक दबाव ज्यादा होने के चलते यहां निरंतर सड़क हादसे होते रहे हैं. इस सड़क मार्ग को खूनी सड़क का दर्जा मिल चुका है. इसके फोरलेन निर्माण को लेकर करीब 20 हजार लोगों के हस्ताक्षर वाला 100 फीट लंबा कपड़ा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा गया था. जैसे ही लोगों को इस सड़क के फोरलेन निर्माण की सूचना मिली, सभी ने इसे जनता के संघर्षों की जीत बताते हुए खुशी जाहिर की है.
स्थानीय लोगों ने कहा कि इस सड़क मार्ग के फोरलेन बनने से सड़क दुघर्टनाओं में कमी आएगी और सफर सुरक्षित व आरामदायक हो जाएगा. नूंह और आसपास के इलाकों में व्यापार, टूरिज्म और विकास को बढ़ावा मिलेगा. फोरलेन निर्माण से नए उद्योग- धंधे स्थापित होंगे जिससे लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
