चंडीगढ़ | हरियाणा के सरकारी विद्यालयों में पढ़ रहे छात्रों के लिए सरकार द्वारा एक और बड़ा फैसला लिया गया है. सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे स्टूडेंट्स को कौशल विकास के लिए उन्हें नजदीकी राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में ट्रेनिंग दिलवाई जाएगी. उद्योगों की वर्तमान आवश्यकताओं को देखते हुए युवाओं को तैयार किया जाएगा.
हजार युवा लेंगे ट्रेनिंग
इसके लिए राज्य स्तरीय कौशल संकाय प्रशिक्षण एवं अनुसंधान केंद्र बनाने की दिशा में भी काम शुरू हो चुका है. युवाओं में उद्यमिता का विकास हो इसके लिए 3 राज्य उद्यमिता विकास संस्थान आगामी वित्त वर्ष में शुरू किए जाएंगे. हर संस्थान में हर साल 1000 युवाओं को उद्यमिता का प्रशिक्षण मिल सकेगा. इनमें महिलाओं के लिए सीट रिजर्वे होगी. प्राइवेट सेक्टर में न सिर्फ नए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खोले जाएंगे बल्कि पहले से संचालित निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को नए ट्रेड और यूनिट शुरू करने की परमिशन मिलेगी.
अगले महीने पोर्टल खुलने की उम्मीद
इसके लिए केंद्र सरकार के अधीनस्थ कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की तरफ से राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी) से संबद्धता और नए ट्रेड या यूनिट शुरू करने के लिए अगले महीने पोर्टल खुलने की आशा व्यक्त की जा रही है.
मिलेगी फ्री ट्रेनिंग
सभी सरकारी एवं प्राइवेट आइटीआई के हर ट्रेड के जिला टापर विद्यार्थियों को फ्री उन्नत प्रशिक्षण मिलेगा. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नवीकरणीय ऊर्जा तथा उन्नत विनिर्माण जैसे उद्योगों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करने की स्कीम तैयार की जा रही है. दोहरी प्रशिक्षण प्रणाली योजना के अंतर्गत नामांकित विद्यार्थियों को हर महीने 2000 रुपये प्रदान किए जाएंगे. शैक्षणिक ज्ञान और उद्योग उपयोगी कौशल के मध्य फर्क को खत्म करने के लिए विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय पलवल में 3- 4 महीने के ब्रिज कोर्स की शुरुआत होगी.
