नई दिल्ली | केंद्र सरकार ने कर प्रणाली को अधिक सरल, पारदर्शी और डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने हुए नए आयकर अधिनियम 2026 को 1 अप्रैल से लागू करने का ऐलान किया है. इन बदलावों का असर वेतनभोगी कर्मचारियों, निवेशकों, डिजिटल कारोबार और कंपनियों सभी पर पड़ेगा. सबसे बड़ी बात यह है कि टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन टैक्स से जुड़े नियमों और उनकी गणना के तरीके में अहम बदलाव किए गए है.
आयकर कानून 2026 होगा लागू
नए नियमों के तहत, सैलरी और कंपनी द्वारा मिलने वाली सुविधाओं पर टैक्स के नियम सख्त किए गए है. अब फ्री खाने पर 200 रुपए तक छूट मिलेगी और 15 हजार से ज्यादा के गिफ्ट पर टैक्स देना होगा. कंपनी द्वारा दिया गया घर भी अब शहर की आबादी के आधार पर वैल्यू किया जाएगा, जिससे कर्मचारियों की टेक- होम सैलरी पर असर पड़ेगा. इसके अलावा अगर कोई कंपनी अपने कर्मचारियों को कम ब्याज या बिना ब्याज का लोन देती है, तो उस पर अब SBI की ब्याज दर के हिसाब से टैक्स लगाया जाएगा, जिससे ऐसे लोन पहले की तुलना में महंगे पड़ सकते है.
विदेशी कंपनियों पर नया नियम लागू
डिजिटल अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. अब विदेशी डिजिटल कंपनियों पर भी भारत में टैक्स लगाया जा सकेगा, यदि उनकी भारतीय यूजर्स से आय 2 करोड़ रुपए से अधिक हो या यूजर संख्या 3 लाख से ज्यादा हो. इससे गूगल, ऐपल जैसी कंपनियों पर सीधा असर पड़ेगा और सरकार को राजस्व प्राप्त होगा. शेयर बाजार से जुड़े नियमों को में भी बदलाव किया गया है, जिसके तहत स्टॉक एक्सचेंज को हर लेन- देन का डेटा 7 साल तक सुरक्षित रखना होगा, ताकि टैक्स चोरी पर अकुंश लगाया जा सके.
ESOP के नियम
कर्मचारियों को मिलने वाले ESOP ( Employee Stock Ownership Plan) के नियमों में भी ज्यादा पारदर्शी बनाया गया है. लिस्टेड कंपनियों के लिए ESOP की वैल्यू मार्केट प्राइस के आधार पर तय होगी, जबकि अनलिस्टेड कंपनियों के लिए यह वैल्यू मर्चेंट बैंकर द्वारा तय की जाएगी. इससे सीधे खर्च के साथ निवेश की औसत वैल्यू का केवल 1% ही जोड़ा जाएगा.
बॉन्ड निवेश के नियमों में भी बदलाव किया गया है, जिसमें लॉन्ग टर्म बॉन्ड के लिए 10 से 20 साल की अवधि और अच्छी क्रेडिट रेटिंग जरूरी होगी, ताकि निवेश अधिक सुरक्षित बनाया जा सके. यह नया टैक्स सिस्टम देश में सरल, पारदर्शी और डिजिटल टैक्स व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में अहम कदम है.
