गुरुग्राम | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे गुरुग्राम में साल 2026 के लिए नए सर्कल रेट लागू हो गए हैं, जिसमें 15% से लेकर 75% तक की अच्छी- खासी बढ़ोतरी देखने को मिली है. यदि आप भी गुरुग्राम में प्रोपर्टी खरीदने की योजना बना रहे हैं तो आपको अच्छी जेब खासी ढीली करनी होगी. वित्तीय वर्ष 2026- 27 के लिए नई दरें 1 अप्रैल से प्रभावी हो चुकी है.

इन इलाकों में महंगा हुआ जमीन खरीदना
जिला प्रशासन द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, गोल्फ कोर्स रोड, सोहना रोड और द्वारका एक्सप्रेस-वे के आसपास के प्रीमियम सेक्टरों में सर्कल रेट की दरों में 30% से 50% की बढ़ोतरी हुई है. वहीं, हाल ही में विकसित हुएं नए गुरुग्राम के कुछ सेक्टरों और औद्योगिक क्षेत्रों में यह बढ़ोतरी 75% तक पहुंच गई है.
व्यवसायिक संपत्तियों के सर्कल रेट में भी खासा उछाल देखने को मिला है जिससे ऑफिस स्पेस और दुकानों की रजिस्ट्री अब महंगी हो जाएगी. गुरुग्राम के सर्कल रेट की विस्तृत जानकारी जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं. गुरुग्राम के सदर बाजार (भूतेश्वर मंदिर तक) गुरुग्राम की उच्चतम व्यावसायिक दर 2,84,000 रुपये प्रति वर्ग गज तय की गई है. सेक्टर- 25 के कमर्शियल रेट 75% बढ़कर 2,43,941 रुपये प्रति वर्ग गज तक पहुंच सकते हैं.
क्या होता हैं सर्कल रेट?
सर्कल रेट को कलेक्टर रेट भी कहा जाता है. यह प्रॉपर्टी के वे न्यूनतम मूल्य होते हैं जिनका इस्तेमाल स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क तय करने के लिए किया जाता है. सर्कल रेट में बढ़ोतरी का सीधा मतलब है कि अब खरीदारों को स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क के रूप में ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे. इससे प्रोपर्टी की कुल लागत बढ़ जाएगी. अच्छी बात यह है कि सर्कल रेट में बढ़ोतरी से बैंक अब प्रोपर्टी की वैल्यूएशन ज्यादा करेंगे जिससे खरीदारों को अधिक लोन मिलने की संभावना बढ़ जाएगी.