चंडीगढ़ | हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उचित मूल्य की दुकानों (राशन डिपो) के संचालन और आवंटन से जुड़े नियमों में बड़ा संशोधन किया है. संशोधित आदेशों के तहत पात्रता, आरक्षण और चयन प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं.

प्रदेश सरकार ने बताया कि इन बदलावों का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना, महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना और योग्य आवेदनों को प्राथमिकता देना है ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जा सके.
500 राशनकार्डों पर मिलेगा डिपो
खास बात यह है कि पहले 300 राशनकार्ड पर डिपो मिल जाता था लेकिन अब इसकी संख्या बढ़ाकर 500 कर दी गई है यानि राशन डिपो आवंटन में अब 500 अंक का मूल्यांकन सिस्टम लागू किया गया है. वहीं, 60 साल की आयु पूरी होने पर लाइसेंस नवीनीकरण नहीं होगा. हालांकि, विशेष परिस्थितियों में 65 साल तक विस्तार संभव है. डिपो होल्डर की 55 साल की आयु तक मृत्यु की स्थिति में परिवार के पात्र सदस्य को प्राथमिकता दी जाएगी.
यह लोग नहीं कर सकते आवेदन
पहले से किसी उचित मूल्य की दुकान का मालिक या उससे निकट संबंधी आवेदन नहीं कर सकते हैं. ग्राम पंचायत, नगर पालिका और नगर निगम के वर्तमान सदस्य या उनके करीबी रिश्तेदार भी आवेदन नहीं कर सकेंगे. सरकारी या संविदा कर्मचारी भी आवेदन नहीं कर सकते हैं.
चयन प्रक्रिया में बढ़ेगी पारदर्शिता
चयन के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया अपनाई जाएगी. स्थानीय स्तर पर प्रचार और नोटिस के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे. पात्रता के आधार पर मेरिट तैयार की जाएगी और आय कम होने वाले आवेदकों को प्राथमिकता दी जाएगी.
अब राशन डिपो के लिए आवेदक का कम से कम 12वीं पास होना अनिवार्य किया गया है. उसे कंप्यूटर का बुनियादी ज्ञान भी होना चाहिए. आवेदक की आयु सीमा 21 से 45 वर्ष होनी चाहिए. आवेदक संबंधित क्षेत्र का निवासी होना चाहिए और उसके पास फैमिली आईडी भी होनी चाहिए.
महिलाओं को 33% आरक्षण
उचित मूल्य की दुकानों के आवंटन में 33% आरक्षण महिलाओं के लिए तय किया गया है. कुछ श्रेणियों को प्राथमिकता भी दी गई हैं जिनमें तेजाब हमले से पीड़ित महिलाएं, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, विधवा- तलाकशुदा या एकल महिला, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग की महिलाएं शामिल हैं. खास बात यह है कि यदि आरक्षित श्रेणी में आवेदन नहीं आते तो सीट सामान्य वर्ग में दी जा सकेगी.