हिसार | हरियाणा के हिसार से एक बड़ी खबर सामने आई है. यहां एयरपोर्ट के विस्तार के बाद से बंद पड़े पुराने चंडीगढ़ रोड का मामला सुलझने का नाम ही नहीं ले रहा था. अब इस मामले में एक नया मोड़ आ गया है. पिछले सप्ताह बरवाला में लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग और वन विभाग के अधिकारियों की एक बैठक बुलाई गई थी जिसमें अतिरिक्त मुख्य सचिव अपूर्व कुमार भी पहुंचे थे.

इस मामले में उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए और साथ ही हिसार- दिल्ली हाइवे (NH-9) से हिसार- चंडीगढ़ हाइवे (NH-52) को जोड़ने वाले 8 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित बाईपास निर्माण को लेकर भी नाराजगी जताई.
रोड प्रोजेक्ट की समीक्षा
बैठक के दौरान ACS अपूर्व कुमार ने प्रस्तावित 8 किलोमीटर लंबे नए बाईपास रोड प्रोजेक्ट की समीक्षा की. उन्होंने तलवंडी राणा और आसपास के ग्रामीणों से कहा कि 8 किलोमीटर की नई सड़क बन रही है तो नए रोड की जरूरत क्यों हैं. B&R के अधिकारियों ने बताया कि रोड की जमीन अधिग्रहण के लिए 89 करोड़ रुपए दिए हैं और निर्माण पर 153 करोड़ रुपए का बजट है.
बगलें झांकने लगे अधिकारी
ACS ने सवाल किया कि आखिर इस रोड की जरूरत ही क्या थी. जब जनता किसी और रास्ते की मांग कर रही है तो इतना पैसा यहां क्यों लगाया जा रहा है. जब उन्होंने पूछा कि क्या इस प्रोजेक्ट का ऑडिट कराया गया है तो अधिकारी बगले झांकने लगे और कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए. उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि इस रोड को क्या कैंसिल नहीं किया जा सकता. हालांकि, सब बातें मौखिक रही.
राणा माइनर पर बनेगा रोड का नक्शा
तलवंडी राणा रोड बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष एडवोकेट ओपी कोहली ने कहा कि ACS अपूर्व सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राणा माइनर के साथ निकलने वाले रोड का नया नक्शा तैयार किया जाए. समिति पिछले लंबे समय से मात्र 2 किलोमीटर के उस सीधे रास्ते की मांग कर रही है, जिससे ग्रामीणों को हिसार शहर पहुंचने में आसानी हो.
B&R के प्रस्तावित रूट
- NH- 9 मिर्जापुर चौक से लेकर NH- 52 तक तलवंडी गांव को पार करके रोड कनेक्ट करने को लेकर प्रस्ताव भेजा.
- एयरपोर्ट की दीवार के साथ पुराने चंडीगढ़ रोड के साथ कनेक्टिविटी को लेकर प्रस्ताव भेजा.
- बोटलिंग प्लांट से सीधे राणा माइनर पर कनेक्टिविटी लेकर प्रस्ताव भेजा.
- एयरपोर्ट के नजदीक से नाले के साथ- साथ राणा माइनर तक.
10 किमी ज्यादा चक्कर लगाने को मजबूर
हिसार एयरपोर्ट के विस्तार के कारण पुराना रास्ता बंद होने के बाद से तलवंडी राणा सहित दर्जनों गांवों के लोग भारी परेशानी झेल रहे हैं. ग्रामीणों को शहर आने के लिए पिछले 2 साल से 10 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है. पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सफर करने वालों को अतिरिक्त किराया देना पड़ रहा है. निजी वाहन वालों का अतिरिक्त फ्यूल खर्च हो रहा और समय भी अधिक लग रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन वैकल्पिक रास्तों के नाम पर करोड़ों रुपए बर्बाद कर रहा है, जबकि समाधान मात्र 2 किलोमीटर के लिंक रोड से संभव है.
निरीक्षण में दिखी खामियां
ACS ने उस जगह का भी जमीनी निरीक्षण किया जहां रोड बनाने का प्रस्ताव था. अधिकारियों ने दलील दी कि NHAI ने जमीन अधिग्रहित की थी, उस पर भी ACS संतुष्ट नजर नहीं आए. उन्होंने कहा कि जनता के पैसे का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अब सबकी नजरें राणा माइनर के नए नक्शे व 242 करोड़ के प्रोजेक्ट की कार्रवाई पर टिकी हैं.