हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, शादी के बाद भी नहीं बदलेंगे आरक्षण नियम

चंडीगढ़ | हरियाणा में जो महिलाएं विवाह के बाद दूसरे राज्य में चली जाती है उनके लिए हाई कोर्ट में एक बड़ा फैसला दिया है. कोर्ट के मुताबिक विवाह के बाद दूसरे राज्य में बस जाने भर से किसी महिला को पति के राज्य की पिछड़ा वर्ग श्रेणी का लाभ नहीं दिया जा सकता. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट की तरफ से संवैधानिक सिद्धांत को दोहराते हुए राजस्थान मूल की एक महिला की हरियाणा में बीसी- बी सर्टिफिकेट के नवीनीकरण की मांग को खारिज कर दिया गया.

CLAT Judge Court Jobs

हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

जस्टिस जगमोहन बंसल की तरफ से स्पष्ट किया गया कि रिजर्वेशन से संबंधित जातीय स्थिति जन्म आधारित होती है और सिर्फ विवाह के आधार पर राज्य बदलने से संबंधित सामाजिक श्रेणी का कानूनी लाभ अपने आप प्राप्त नहीं किया जा सकता. यह निर्णय एकता यादव की याचिका पर सुनाया गया है. याचिकाकर्ता रेवाड़ी निवासी एकता यादव ने हाई कोर्ट में मांग की थी कि हरियाणा सरकार को उनका बीसी- बी सर्टिफिकेट नवीनीकृत करने और 10 अगस्त 2025 के कानूनी नोटिस पर फैसला लेने का निर्देश दिया जाए.

यह भी पढ़े -  यमुना प्रदूषण पर हरियाणा सरकार सख्त, 31 दिसंबर 2027 तक सभी प्रोजेक्ट पूरे करने का आदेश

गलत तरीके से दावा अस्वीकार

याचिकाकर्ता की तरफ से दलील पेश गई कि उनका दावा गलत तरीके से अस्वीकार किया गया. ऐसे में कोर्ट ने बताया कि विवाह के बाद दूसरे राज्य में बस जाने भर से किसी महिला को पति के राज्य की पिछड़ा वर्ग श्रेणी का लाभ नहीं दिया जा सकता.

Avatar of Deepika Bhardwaj
Deepika Bhardwaj
View all posts

मेरा नाम दीपिका भारद्वाज है. पिछले साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar वेबसाइट पर राइटर का काम कर रही हूँ. मैं यहाँ हरियाणा व दिल्ली में निकली सरकारी और प्राइवेट नौकरी से जुड़ी जानकारी साझा कर रही हूँ.