चंडीगढ़ | हरियाणा में जो महिलाएं विवाह के बाद दूसरे राज्य में चली जाती है उनके लिए हाई कोर्ट में एक बड़ा फैसला दिया है. कोर्ट के मुताबिक विवाह के बाद दूसरे राज्य में बस जाने भर से किसी महिला को पति के राज्य की पिछड़ा वर्ग श्रेणी का लाभ नहीं दिया जा सकता. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट की तरफ से संवैधानिक सिद्धांत को दोहराते हुए राजस्थान मूल की एक महिला की हरियाणा में बीसी- बी सर्टिफिकेट के नवीनीकरण की मांग को खारिज कर दिया गया.

हाई कोर्ट का बड़ा फैसला
जस्टिस जगमोहन बंसल की तरफ से स्पष्ट किया गया कि रिजर्वेशन से संबंधित जातीय स्थिति जन्म आधारित होती है और सिर्फ विवाह के आधार पर राज्य बदलने से संबंधित सामाजिक श्रेणी का कानूनी लाभ अपने आप प्राप्त नहीं किया जा सकता. यह निर्णय एकता यादव की याचिका पर सुनाया गया है. याचिकाकर्ता रेवाड़ी निवासी एकता यादव ने हाई कोर्ट में मांग की थी कि हरियाणा सरकार को उनका बीसी- बी सर्टिफिकेट नवीनीकृत करने और 10 अगस्त 2025 के कानूनी नोटिस पर फैसला लेने का निर्देश दिया जाए.
गलत तरीके से दावा अस्वीकार
याचिकाकर्ता की तरफ से दलील पेश गई कि उनका दावा गलत तरीके से अस्वीकार किया गया. ऐसे में कोर्ट ने बताया कि विवाह के बाद दूसरे राज्य में बस जाने भर से किसी महिला को पति के राज्य की पिछड़ा वर्ग श्रेणी का लाभ नहीं दिया जा सकता.