गुरुग्राम | हरियाणा के गुरुग्राम जिले के लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. बता दें कि नगर निगम गुरुग्राम (MCG) ने बंधवाड़ी में रोजाना आने वाले कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए लगभग 40 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया है. इस नई व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अब लैंडफिल पर नए कूड़े के पहाड़ न बने और शहर से निकलने वाले ठोस कचरे का प्रतिदिन वैज्ञानिक तरीके से निपटान हो सके.

रोज निकलता है 1200 मीट्रिक टन से ज्यादा कचरा
गुरुग्राम में प्रतिदिन करीब 1200 से 1500 मीट्रिक टन ठोस कचरा निकलता है. अब तक इसका बड़ा हिस्सा बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर डंप किया गया है, जिससे वहां कचरे का विशाल पहाड़ खड़ा हो गया है. कई बार तो आग लगने, जहरीली गैसों के उत्सर्जन और भूजल प्रदूषण जैसी समस्याओं के कारण यह मामला पर्यावरण के लिए नुकसानदायक है.
नगर निगम द्वारा जारी टेंडर के अनुसार प्रतिदिन आने वाले कचरे को सीधे वैज्ञानिक प्रोसेसिंग यूनिट तक पहुंचाया जाएगा. इसमें कचरे की छंटाई, जैविक कचरे का प्रोसेसिंग, रिसाइक्लिंग और अवशिष्ट कचरे के सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था शामिल होगी. नगर निगम अधिकारियों का कहना है इस व्यवस्था के लागू होने के बाद लैंडफिल साइट पर ताजा कचरे का जमाव काफी हद तक रुक जाएगा.
पुराने कचरे का भी होगा निस्तारण
बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर पिछले कुछ वर्षों से पुराने कचरे के निस्तारण का कार्य चल रहा है. इसके लिए नगर निगम की ओर से दो एजेंसियां पुराने कचरे की बायोमाइनिंग और प्रोसेसिंग का काम कर रही है. पुराने कचरे को हटाने के साथ- साथ नया कचरा लगातार जमा होने से साइट पर कूड़े के नए पहाड़ बनते जा रहे थे. इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए निगम ने अब पहली बार ताजा कचरे के नियमित निस्तारण की अलग व्यवस्था शुरू करने का फैसला लिया है. ताजा कचरे को बंधवाड़ी लैंडफिल साइट की खाली जगह पर डाला जा रहा है. निगम अधिकारियों के अनुसार, नई एजेंसी इसी कचरे की प्रोसेसिंग और वैज्ञानिक निस्तारण का कार्य करेगी.