हरियाणा में व्यापारियों के लिए OTS को मंजूरी, बकाया टैक्स, ब्याज व जुर्माने पर मिलेगी 100 फीसदी छूट

चंडीगढ़ | हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में छोटे व्यापारियों के हित में एक बड़ा फैसला लिया गया है. प्रदेश सरकार ने GST लागू होने से पहले के पुराने टैक्स विवादों और बकाया वसूली के मामलों को खत्म करने के लिए ‘हरियाणा एकमुश्त निपटान योजना (OTS) 2026’ को मंजूरी प्रदान कर दी है.

CM Nayab Singh Saini 1

नई योजना के तहत GST लागू होने से पहले के 7 पुराने कर कानूनों से जुड़े मामलों में टैक्स, ब्याज और जुर्माना राशि में भारी छूट का लाभ मिलेगा. जिन व्यापारियों का किसी 1 असेसमेंट वर्ष में कुल बकाया 1 लाख रुपए तक का हैं, उनका पूरा टैक्स, ब्याज और पेनल्टी स्वत: माफ मानी जाएगी. यह योजना 1 जून से लागू होगी और अगले 120 दिनों तक प्रभावी रहेगी. इसके लिए अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

टैक्स रिकवरी में आएगी तेजी

इस दौरान व्यापारी और करदाता आबकारी एवं कराधान विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगे. सरकार का मानना है कि इससे पुराने मुकद्दमों का बोझ कम होगा और विभाग को सालों से अटकी टैक्स रिकवरी में भी तेजी मिलेगी.

यह योजना GST लागू होने से पहले के सात प्रमुख कर कानूनों के अंतर्गत लंबित मामलों पर लागू होगी. इनमें हरियाणा वैट कानून, केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम, हरियाणा सामान्य बिक्री कर कानून, मनोरंजन शुल्क, विलासिता कर, स्थानीय क्षेत्र विकास कर और एंट्री टैक्स जैसे कानून शामिल हैं.

इस तरह मिलेगी छूट

  • हरियाणा सामान्य बिक्री कर अधिनियम-1973 के मामलों में 1 लाख रुपये तक के टैक्स बकाया पर 100% छूट मिलेगी.
  • 1 लाख से ज्यादा राशि पर 70% तक टैक्स माफी और ब्याज व जुर्माना राशि पूरी तरह माफ की जाएगी.
  • अन्य 6 कर मामलों में सरकार ने स्लैब आधारित राहत योजना लागू की हैं.
  • 1 लाख रुपए से ज्यादा और 10 लाख रुपए तक के मामलों में 60% टैक्स छूट मिलेगी.
  • 10 लाख से 1 करोड़ रुपए तक के मामलों में 50% छूट का लाभ मिलेगा.
  • 1-10 करोड़ की बकाया राशि पर 40%, 10-30 करोड़ की बकाया राशि पर 35% और 30-60 करोड़ रुपए की बकाया राशि पर 30% टैक्स छूट का प्रावधान किया गया है.
  • 60 करोड़ रुपए से ज्यादा के मामलों में टैक्स छूट का लाभ नहीं मिलेगा. हालांकि, ब्याज और जुर्माना राशि पर 100% माफी का लाभ यहां पर भी मिलेगा.
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किस्तों में भुगतान की सुविधा

  • 5 लाख रुपए तक की निपटान राशि का भुगतान एकमुश्त करना होगा.
  • 5- 25 लाख रुपए तक के मामलों में दो किस्तों में भुगतान की सुविधा मिलेगी.
  • 25 लाख रुपए से ज्यादा के मामलों में तीन किस्तों में भुगतान की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं.
  • इस नई योजना की खासियत यह रहेगी कि व्यापारी अपनी जरूरत के हिसाब से केवल चुनिंदा वर्षों के लिए भी योजना का लाभ उठा सकेंगे यानि सभी पुराने मामलों को एक साथ शामिल करना जरूरी नहीं होगा.

ऐसे मामलों में मिलेगी राहत

राज्य सरकार ने ‘डाक्यूमेंट लिंक्ड वेवर’ का नया प्रविधान भी जोड़ा है. इसके तहत व्यापारी पुराने वैधानिक फार्म और दस्तावेज जमा कर सकेंगे. दस्तावेजों का सत्यापन होने के बाद टैक्स मांग को और कम या समाप्त किया जा सकेगा. इससे कई ऐसे मामलों में राहत मिलेगी जहां दस्तावेजी कमी के कारण टैक्स विवाद लंबे समय से फंसे हुए थे.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.