गुरुग्राम | मिलेनियम सिटी गुरुग्राम का रेलवे स्टेशन अब पूरी तरह नई पहचान पाने जा रहा है. अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन का तेजी से पुनर्विकास किया जा रहा है. करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह प्रोजेक्ट 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है. इसके बाद, गुरुग्राम रेलवे स्टेशन विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस आधुनिक स्टेशन के रूप में यात्रियों के लिए खुल जाएगा. स्टेशन पर इन दिनों दिन- रात निर्माण कार्य जारी है. लोहे के मजबूत पिलरों पर नौ मंजिला नई इमारत का ढांचा लगभग तैयार हो चुका है.

दो प्लेटफॉर्मों को जोड़ने के लिए स्काई वॉक बनाया जा रहा है जबकि यात्रियों की सुविधा के लिए 5 से अधिक लिफ्ट और एस्केलेटर भी लगाए जाएंगे. बढ़ती यात्री संख्या को देखते हुए एक नए प्लेटफॉर्म का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है, जिससे ट्रेनों के संचालन और ठहराव में आसानी होगी.
गुरुग्राम रेलवे स्टेशन
पुनर्विकास के बाद स्टेशन परिसर में चौड़ी सड़कें, आधुनिक वेटिंग हॉल, फूड कोर्ट, डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड और अन्य अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी. स्टेशन को एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है. नौ मंजिला भवन में यात्री सुविधाओं के साथ रिटेल स्पेस, कार्यालय और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी पर्याप्त जगह होगी. इसका लाभ गुरुग्राम, मानेसर, सोहना और फरुखनगर रूट पर रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों को मिलेगा. बुजुर्ग और दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए लिफ्ट और एस्केलेटर की विशेष व्यवस्था की जा रही है. वहीं, पार्किंग की समस्या को देखते हुए मल्टीलेवल पार्किंग भी विकसित की जाएगी.
बनेगा वर्ल्ड क्लास
इससे शहर की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी. करीब 15 दिन पहले रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी निर्माण कार्य का निरीक्षण कर प्रगति का जायजा लिया था. गुरुग्राम रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत किया जा रहा है. 26 फरवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस परियोजना का शिलान्यास किया था. नई स्टेशन बिल्डिंग का निर्माण दिल्ली की विरेंद्र कंस्ट्रक्शन कंपनी कर रही है. भवन के डिजाइन में स्थानीय संस्कृति, विरासत और वास्तुकला की झलक भी देखने को मिलेगी.
नई इमारत में पहली मंजिल पर अत्याधुनिक यात्री सुविधाओं वाला विशाल हॉल बनाया जाएगा. छह मंजिलों का उपयोग कमर्शियल गतिविधियों के लिए किया जाएगा, जहां कैफेटेरिया और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी. तीन मंजिलें रेलवे के प्रशासनिक कार्यों के लिए निर्धारित रहेंगी. इसके अलावा स्टेशन में करीब 50 मीटर चौड़ा एयर कॉनकोर्स भी बनाया जाएगा, जिससे यात्रियों की आवाजाही पहले से कहीं अधिक आसान और सुविधाजनक होगी.