नई दिल्ली | BAT- BMS (Battery Management System) ऐप का उपयोग कुछ ई-रिक्शा बैटरियों की सेटिंग और मॉनिटरिंग के लिए किया जाता है. यदि किसी ई- रिक्शा की बैटरी में ब्लूटूथ आधारित BMS लगा है और वह बिना किसी सुरक्षा (जैसे पासवर्ड या पेयरिंग) के उपलब्ध है, तो कुछ मामलों में कोई दूसरा व्यक्ति उससे कनेक्ट होने की कोशिश कर सकता है.

यह कहना कि कोई भी व्यक्ति अपने आसपास के किसी भी ई- रिक्शा को फोन से तुरंत बंद कर सकता है सही नहीं है. ऐसा कई बातों पर निर्भर करता है. इसपर फिलहाल किसी प्रकार की कोई आधिकारिक जनसूचना सामने नहीं आई है.
लगा है यह BMS
- क्या ब्लूटूथ पेयरिंग सुरक्षित है या नहीं.
- क्या ऐप में एडमिन एक्सेस या पासवर्ड की जरूरत होती है.
- संबंधित निर्माता ने कौन-से सुरक्षा फीचर दिए हैं.
पूरे ई-रिक्शा ‘Tirrii’ समाज में BAT-BMS ऐप की वजह से दहशत का माहौल बना हुआ है।
जानते हैं क्यों? चलिए बताते हैं।
BAT-BMS ऐप के जरिए आप अपने आस पास के ई- रिक्शा को ब्लूटूथ के साथ कनेक्ट कर उसे कंट्रोल कर सकते हैं।
यानि इसके बैटरी के पावर को आप अपने फोन से बंद कर सकते हैं जिससे… pic.twitter.com/Xx0jKxxuSX
— Jaiky Yadav (@JaikyYadav16) July 1, 2026
सभी ई- रिक्शा पर लागू नहीं
यदि किसी विशेष BMS में सुरक्षा की कमी है, तो उसका दुरुपयोग संभव हो सकता है लेकिन यह सभी ई- रिक्शा पर लागू नहीं होता. अगर कहीं लोग जानबूझकर इस तरह की छेड़छाड़ कर रहे हैं, तो यह गैरकानूनी है और इससे सड़क सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है. ऐसे मामलों में बैटरी निर्माता को सुरक्षा अपडेट जारी करने और प्रभावित चालक को पुलिस व निर्माता दोनों के पास शिकायत करनी चाहिए इसलिए वायरल मैसेज में खतरे की बात तो हो सकती है लेकिन इसपर पूरी तरह से विश्वास नहीं किया जा सकता है.
(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। Haryana E Khabar किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।)