ई- रिक्शा चालकों के लिए जरूरी खबर, BAT-BMS ऐप से जुड़े दावे कितने सही?

नई दिल्ली | BAT- BMS (Battery Management System) ऐप का उपयोग कुछ ई-रिक्शा बैटरियों की सेटिंग और मॉनिटरिंग के लिए किया जाता है. यदि किसी ई- रिक्शा की बैटरी में ब्लूटूथ आधारित BMS लगा है और वह बिना किसी सुरक्षा (जैसे पासवर्ड या पेयरिंग) के उपलब्ध है, तो कुछ मामलों में कोई दूसरा व्यक्ति उससे कनेक्ट होने की कोशिश कर सकता है.

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यह कहना कि कोई भी व्यक्ति अपने आसपास के किसी भी ई- रिक्शा को फोन से तुरंत बंद कर सकता है सही नहीं है. ऐसा कई बातों पर निर्भर करता है. इसपर फिलहाल किसी प्रकार की कोई आधिकारिक जनसूचना सामने नहीं आई है.

लगा है यह BMS

  • क्या ब्लूटूथ पेयरिंग सुरक्षित है या नहीं.
  • क्या ऐप में एडमिन एक्सेस या पासवर्ड की जरूरत होती है.
  • संबंधित निर्माता ने कौन-से सुरक्षा फीचर दिए हैं.

सभी ई- रिक्शा पर लागू नहीं

यदि किसी विशेष BMS में सुरक्षा की कमी है, तो उसका दुरुपयोग संभव हो सकता है लेकिन यह सभी ई- रिक्शा पर लागू नहीं होता. अगर कहीं लोग जानबूझकर इस तरह की छेड़छाड़ कर रहे हैं, तो यह गैरकानूनी है और इससे सड़क सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है. ऐसे मामलों में बैटरी निर्माता को सुरक्षा अपडेट जारी करने और प्रभावित चालक को पुलिस व निर्माता दोनों के पास शिकायत करनी चाहिए इसलिए वायरल मैसेज में खतरे की बात तो हो सकती है लेकिन इसपर पूरी तरह से विश्वास नहीं किया जा सकता है.

(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। Haryana E Khabar किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।)

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Sanjukta Pandit
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मेरा नाम संयुक्ता पंडित है. मै हरियाणा ई खबर में बतौर एडिटर के पोस्ट पर लगभग 4 सालों से काम रही हूँ. मेरी हमेशा कोशिश रहती है आप लोगो तक ब्रेकिंग न्यूज़ जल्द से जल्द अपडेट करूं और न्यूज़ में कोई व्याकरण की गलती न हो.