चंडीगढ़ | हरियाणा में गेस्ट टीचर्स को नियमित कर सेवा और रिटायरमेंट संबंधी सभी लाभ देने के पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की एकल पीठ के फैसले के खिलाफ कानूनी लड़ाई तेज हो गई है. 25 मई को आए फैसले के विरुद्ध दायर पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं. मामले की अगली सुनवाई 9 सितंबर को होगी. बता दें कि यह पुनर्विचार याचिका दलीप सिंह और अन्य की ओर से दायर की गई है.

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि साल 2006 से अब तक गेस्ट टीचर्स से जुड़े कई फैसले पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दे चुके हैं लेकिन इनका उल्लेख सुनवाई के दौरान नहीं किया गया. सरकार और गेस्ट टीचर्स की ओर से अदालत के सामने सभी जरूरी तथ्य प्रस्तुत नहीं किए गए.
हरियाणा शिक्षा विभाग में विवाद
याचिका में कहा गया है कि यदि गेस्ट टीचर्स को नियमितीकरण के साथ वरिष्ठता का लाभ भी दिया गया, तो शिक्षा विभाग में कार्यरत हजारों JBT, TGT और PGT शिक्षकों की वरिष्ठता और पदोन्नति प्रभावित होगी. इससे पहले से पदोन्नत कई शिक्षकों को रिवर्ट होने की स्थिति का सामना भी करना पड़ सकता है. याचिकाकर्ताओं ने सीमा देवी, बलराज, बलदेव, दलीप सिंह, अशोक कुमार, तिलकराज और महेंद्र सिंह समेत कई मामलों में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए उन्हें रिकॉर्ड पर रखने की बात कही है. साथ ही, 2019 में बनाए गए उस कानून का भी जिक्र किया गया है जिसके तहत नियमित भर्ती पूरी होने के बाद भी गेस्ट टीचर्स को 58 साल की आयु तक सेवा सुरक्षा दी गई. सरकार और गेस्ट टीचर्स के बीच मिलीभगत रही है.
हाईकोर्ट में नया मोड़
दूसरी ओर हाईकोर्ट की एकल पीठ ने अपने फैसले में कहा था कि सरकार ने स्कूलों में शिक्षकों की कमी को देखते हुए करीब 20 वर्षों तक गेस्ट टीचर्स से सेवाएं लीं. ऐसे में उन्हें केवल अस्थायी व्यवस्था बताना उचित नहीं है. अदालत ने यह भी कहा था कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं और उन्हें ‘स्टॉप गैप अरेंजमेंट’ या ‘स्पेयर’ की तरह इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. यदि अंतिम रूप से नियमितीकरण लागू होता है तो 2005- 06 की भर्ती प्रक्रिया में नियुक्त गेस्ट TGT, PGT, लैंग्वेज टीचर, ड्राइंग टीचर और पात्र कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर समेत 2014 की नियमितीकरण नीति की शर्तें पूरी करने वाले शिक्षकों को लाभ मिलेगा.
नियमित होने पर उन्हें सरकारी शिक्षकों की तरह वेतनमान, डीए, एचआरए, मेडिकल सुविधा, अवकाश, वार्षिक वेतन वृद्धि, पेंशन और पदोन्नति सहित अन्य सेवा लाभ मिल सकेंगे. फिलहाल, सभी की नजरें 9 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं.