गुरुग्राम की अदालतें जल्द होंगी ‘टावर ऑफ जस्टिस’ में शिफ्ट, हाईकोर्ट का आदेश

गुरुग्राम | जिले के नए न्यायिक परिसर ‘टावर ऑफ जस्टिस’ में जिला अदालतों को जल्द स्थानांतरित करने का रास्ता साफ हो गया है. पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को निर्देश दिया है कि औपचारिक पर्यावरण मंजूरी और फायर विभाग की अंतिम अनुमति का इंतजार किए बिना अदालतों को नए परिसर में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जाए. हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में न्यायिक कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है और अब और देरी करना जनहित में उचित नहीं होगा.

CLAT Judge Court Jobs

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि गुरुग्राम जिला न्यायालय का कामकाज फिलहाल प्रभावित है. ऐसे में न्याय व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए नए न्यायिक परिसर में तत्काल स्थानांतरण जरूरी है.

टावर ऑफ जस्टिस

सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि ‘टावर ऑफ जस्टिस’ का निर्माण कार्य पूरी तरह पूरा हो चुका है और सभी लंबित निर्माण कार्य भी समाप्त कर दिए गए हैं. सरकार ने भरोसा दिलाया कि यदि स्थानांतरण के दौरान कोई कमी सामने आती है तो उसे तुरंत दूर कर दिया जाएगा. हाईकोर्ट ने अपने आदेश में पुराने गुरुग्राम कोर्ट परिसर में लगी आग का भी उल्लेख किया. अदालत ने कहा कि आग लगने के बाद भवन के एक हिस्से को असुरक्षित घोषित करना पड़ा था. इस घटना में बड़ी संख्या में न्यायिक रिकॉर्ड भी नष्ट हो गए थे. इसके बाद, अदालतों का संचालन अस्थायी रूप से गेस्ट हाउस से किया जा रहा है जहां केवल जरूरी मामलों की ही सुनवाई संभव हो पा रही है.

हाईकोर्ट का निर्देश

इससे पहले हाईकोर्ट के निर्देश पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने नए न्यायिक परिसर का निरीक्षण किया था. निरीक्षण रिपोर्ट में कई कमियां सामने आई थीं. कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य अधूरा था, फर्नीचर नहीं लगाया गया था, बारिश के दौरान बेसमेंट में सीवेज का पानी भर गया था और पर्यावरण मंजूरी व फायर एनओसी भी लंबित थी. इन कमियों को लेकर हाईकोर्ट ने सरकार से विस्तृत जवाब मांगा था. सरकार ने अदालत को बताया कि फायर विभाग परिसर का निरीक्षण कर चुका है और कोई बड़ी खामी नहीं मिली है. फायर एनओसी एक-दो दिन में जारी होने की संभावना है. वहीं, पर्यावरण मंजूरी की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है और भवन सभी आवश्यक वैधानिक मानकों पर खरा उतरता है.

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हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई से पहले आदेश के पालन संबंधी रिपोर्ट हलफनामे के रूप में दाखिल की जाए. मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी. बता दें कि ‘टावर ऑफ जस्टिस’ परियोजना वर्षों से लंबित थी. पहले इसे अक्टूबर 2020 तक पूरा होना था लेकिन देरी के चलते हाईकोर्ट ने संज्ञान लेकर इसकी निगरानी शुरू की थी. अब जनहित को देखते हुए अदालतों के जल्द स्थानांतरण का मार्ग प्रशस्त हो गया है.

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Puja Kumari
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मेरा नाम संयुक्ता पंडित है. मै हरियाणा ई खबर में बतौर कंटेंट एडिटर के पोस्ट पर लगभग 4 सालों से काम रही हूँ. मेरी हमेशा कोशिश रहती है आप लोगो तक ब्रेकिंग न्यूज़ जल्द से जल्द अपडेट करूं और न्यूज़ में कोई व्याकरण की गलती न हो.