फरीदाबाद | मानसून की शुरुआत के साथ ही फरीदाबाद जिले में डेंगू और मलेरिया का खतरा बढ़ने लगा है. स्वास्थ्य विभाग ने अब तक डेंगू के 4 और मलेरिया के 2 मामलों की पुष्टि की है. लगातार हो रही बारिश के कारण जगह- जगह पानी जमा होने और कूलरों में ठहरा पानी मच्छरों के लार्वा के पनपने का बड़ा कारण बन रहा है. इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एंटी लार्वा अभियान तेज कर दिया है और जिन घरों या परिसरों में लार्वा मिल रहा है, उन्हें नोटिस जारी किए जा रहे हैं. विभाग की टीम अब तक अलग- अलग इलाकों में 50 से अधिक लोगों को नोटिस दे चुकी है.

स्वास्थ्य विभाग ने जिले में बुखार के हर मरीज की जांच अनिवार्य कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि इस मौसम में कोई भी बुखार डेंगू या मलेरिया का संकेत हो सकता है, इसलिए सभी मरीजों के रक्त की जांच कराई जा रही है.
फरीदाबाद में बढ़ा खतरा
जिन क्षेत्रों में डेंगू के मरीज मिले हैं, वहां फॉगिंग कराई जा रही है. इसके साथ ही घर-घर जाकर एंटी लार्वा अभियान चलाया जा रहा है. टीम कूलरों, पानी की टंकियों, गमलों, टायरों और अन्य स्थानों पर जमा पानी की जांच कर रही है, ताकि मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके. स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान में आशा वर्करों और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों को भी शामिल किया है. ये टीमें लोगों को घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, कूलरों का पानी समय- समय पर बदलने और कहीं भी साफ पानी जमा न होने देने के लिए जागरूक कर रही हैं. डेंगू के मरीज मिलने पर उनके आसपास के क्षेत्रों में विशेष सर्वे भी कराया जा रहा है, जिससे संक्रमण को फैलने से रोका जा सके.
6 मामलों की पुष्टि
विशेषज्ञों के अनुसार डेंगू एडीज मच्छर के काटने से फैलता है और इसके लक्षण आमतौर पर 4 से 6 दिन बाद दिखाई देते हैं. तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, उल्टी, भूख न लगना, कमजोरी और प्लेटलेट्स कम होना इसके प्रमुख लक्षण हैं. गंभीर स्थिति में नाक या मुंह से खून आना, पेट में तेज दर्द और बेहोशी जैसी समस्या भी हो सकती है. ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
लोगों से सप्ताह में एक दिन ‘ड्राई डे’ मनाने की अपील की है. उन्होंने कहा कि उस दिन कूलरों को रगड़कर साफ करें, पानी बदलें और घर के आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें. उन्होंने लोगों से बुखार होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत रक्त जांच कराने और डॉक्टर की सलाह से ही इलाज कराने की अपील की है- डॉ. जयंत आहूजा, अधिकारी, मुख्य चिकित्सा