हिसार | मक्का की फसल इस समय बढ़वार के महत्वपूर्ण चरण में है. ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही उत्पादन को प्रभावित कर सकती है. इसे देखते हुए चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) के कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है. इसमें 31 जुलाई तक मक्का की फसल की देखभाल, रोग एवं कीट नियंत्रण और बेहतर उत्पादन के लिए वैज्ञानिक तरीके अपनाने की सलाह दी गई है.

कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय मक्का की फसल के लिए सबसे बड़ा खतरा फाल आर्मीवर्म (एफएडब्ल्यू) से है.
दी गई सलाह
किसानों को नियमित रूप से फसल का निरीक्षण करने और कीट के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नियंत्रण उपाय अपनाने की सलाह दी गई है. एडवाइजरी में कहा गया है कि जलभराव वाले खेतों में मक्का की खेती से बचना चाहिए. अच्छी जल निकासी वाले खेतों का चयन, उपचारित बीज का उपयोग, संतुलित उर्वरकों का प्रयोग और समय पर खरपतवार नियंत्रण करने से फसल की बढ़वार बेहतर होती है और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलती है.
पानी की बचत
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को चौड़ी कतार (वाइड रो) पद्धति अपनाने की भी सलाह दी है. इस तकनीक से सिंचाई के पानी की बचत होती है और फसल के विकास के लिए बेहतर वातावरण मिलता है. विश्वविद्यालय ने किसानों से वैज्ञानिक सलाह का पालन कर फसल को सुरक्षित रखने और अधिक उत्पादन प्राप्त करने की अपील की है.