पानीपत | हरियाणा के कई बड़े शहरों में वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण लोगों को रोजाना ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ता है। खासकर शहरों के बीच से गुजरने वाले भारी वाहनों की वजह से सड़कें व्यस्त रहती हैं। अब प्रदेश सरकार ने इस परेशानी को कम करने के लिए नए बाईपास और बाहरी रिंग रोड बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हिसार, कुरुक्षेत्र-लाडवा, नारनौल, जींद और सोहना-पलवल से जुड़ी पांच सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है।

इन पर करीब 9700 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इन सड़कों के बनने से शहरों के अंदर वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। इससे आसपास के लोगों को बहुत ही राहत मिलने की संभावना है।
ऐसे बनेंगे बाईपास
हिसार में प्रस्तावित बाईपास को एनएच-52 के हिसार-राजगढ़ रोड से हिसार-दिल्ली रोड और हिसार-कैथल रोड के साथ जोड़ने की योजना है।वहीं, कुरुक्षेत्र-लाडवा बाईपास की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। अब इस परियोजना पर आगे की प्रक्रिया पूरी कर निर्माण शुरू करने की तैयारी है। नारनौल में करीब 11 किलोमीटर लंबा सिटी बाईपास बनाने की योजना है।
इसे राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-148बी से जोड़ा जाएगा। इसी बीच जींद में एनएच-352 पर चार लेन की बाहरी रिंग रोड और बाईपास विकसित किया जाएगा। सोहना-पलवल क्षेत्र में भी करीब 24 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजना प्रस्तावित है।
3 विभागों की कमेटी गठित
मुख्यमंत्री ने 12 सितंबर को चंडीगढ़ में आयोजित बैठक में एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के बाहर रिंग रोड और राष्ट्रीय राजमार्ग विकसित करने की योजना पर चर्चा की थी। इसके बाद वित्त विभाग, लोक निर्माण विभाग और शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों की तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी केंद्र सरकार की नीति के अनुसार परियोजनाओं में राज्य की वित्तीय भागीदारी का मॉडल तैयार करेगी।