गुरुग्राम | दिवाली पर आतिशबाजी का शौक रखने वालों को इस बार गुरुग्राम में कुछ सख्त नियमों का पालन करना होगा। वायु और ध्वनि प्रदूषण को देखते हुए प्रशासन ने पटाखे जलाने का समय तय कर दिया है। साथ ही बाजार में केवल प्रमाणित ग्रीन पटाखे ही बेचे जा सकेंगे। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत गुरुग्राम समेत पूरे एनसीआर में केवल नीरी (NEERI) से प्रमाणित ग्रीन पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल की अनुमति होगी।

डीसी उत्तम सिंह के अनुसार, व्यापारियों के अस्थायी लाइसेंस 4 से 6 नवंबर 2026 तक बहाल किए गए हैं। वहीं, आम नागरिक 7 और 8 नवंबर को ही तय समय पर पटाखे जला सकेंगे।
तय हुई समय सीमा
प्रशासन के आदेश के मुताबिक, 7 और 8 नवंबर को सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे तक ही आतिशबाजी की जा सकेगी। 9 नवंबर से पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध फिर लागू हो जाएगा। अस्पताल, नर्सिंग होम, स्वास्थ्य केंद्र, वृद्धाश्रम और शिक्षण संस्थानों के 300 मीटर के दायरे में पटाखे जलाने की अनुमति नहीं होगी। अधिसूचित साइलेंस जोन में भी प्रतिबंध लागू रहेगा।
होगी कार्रवाई
ग्रीन पटाखे केवल PESO से लाइसेंस प्राप्त व्यापारियों के माध्यम से बेचे जा सकेंगे। बेरियम युक्त, बिना पंजीकरण वाले और NEERI से प्रमाणित नहीं किए गए पटाखे प्रतिबंधित रहेंगे। लड़ी पटाखों के निर्माण और बिक्री पर भी रोक है। नियम तोड़ने पर पटाखे जब्त करने के साथ संबंधित लोगों के लाइसेंस या पंजीकरण रद्द किए जा सकते हैं। जिला और खंड स्तर पर निगरानी दल गठित किए गए हैं। ये टीमें बिक्री केंद्रों पर QR कोड और उत्पादों की जांच करेंगी तथा जरूरत पड़ने पर नमूने लेकर PESO को भेजेंगी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को वायु गुणवत्ता की नियमित निगरानी और रिपोर्टिंग की जिम्मेदारी भी दी गई है।