कोरोना की तीसरे लहर के संकेत, ऐसे लक्षण है तो हो जाए सतर्क

यमुनानगर | कोरोना की तीसरी लहर के संकेत शुरू हो गए हैं. इस मौसम में बुखार, खांसी व जुकाम के मरीज बढ़ रहे हैं. सिविल अस्पताल की ओपीडी में भी इन्हीं रोग के मरीजों की संख्या अधिक है. रोजाना 15 से 20 मरीज ओपीडी में बुखार व खांसी के पहुंच रहे हैं. जबकि निजी चिकित्सकों के पास भी इन्हीं रोगों से संबंधित मरीज अधिक पहुंच रहे हैं. कोरोना के भी यही संकेत हैं. हालांकि अभी कोरोना काबू में है. नए मरीज भी नहीं मिल रहे हैं. जिस वजह से चिकित्सक इसे सीजनल फ्लू भी बता रहे हैं. लेकिन कोरोना महामारी से बचाव के लिए नियमों का पालन जरूरी है.

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कोरोना के केस भले ही कम हो गए हो, लेकिन महामारी का खतरा अभी नहीं टला है. अब अगस्त माह में फिर से बुखार व खांसी के मरीज बढ़ने लगे हैं. लोगों को बुखार, खांसी व जुकाम हो रहा है. हालांकि अभी भी लोगों के मन से कोरोना का भय नहीं गया है. इसलिए ही अधिकतर मेडिकल स्टोर या निजी चिकित्सकों से दवाई ले रहे हैं और सैंपल कराने से पीछे हट रहे हैं. कई ऐसे मरीज भी सिविल अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे, जो कई दिनों तक बुखार की चपेट में रहे. आराम न होने पर उन्हें डॉक्टर के पास आना पड़ा.

सैंपलिंग कराना बहुत जरूरी

चिकित्सकों के मुताबिक, बुखार या खांसी हो, यह कोरोना के लक्षणों में है. इसलिए सैंपलिंग कराना जरूरी है. सिविल अस्पताल में इन लक्षणों के मरीजों के लिए अलग से ओपीडी चलाई जा रही है. जहां पर आने वाले मरीजों की सैंपलिंग भी कराई जाती है. हालांकि अगस्त माह में कोरोना के केस नहीं मिल रहे हैं. रिपोर्ट भी नेगेटिव आ रही है.

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फिजीशियन डॉ. नितिन गुप्ता ने बताया है कि इस समय ओपीडी में बुखार व खांसी के अधिक मरीज आ रहे हैं. इन मरीजों में सांस फूलने जैसी दिक्कत नहीं मिली है. लेकिन यह है कोरोना की तीसरी लहर का संकेत हो सकता है. इसीलिए लोगों से अपील यही है कि वह नियमों का पालन करें और मास्क का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें. बुखार या खांसी होने पर तुरंत चिकित्सक से सलाह लेकर दवाई लें.

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