लापरवाही: रैंप के नीचे नाली में डूबी बच्ची, गांव में ढूंढते रहे स्वजन

गुरुग्राम । हरियाणा के गुरुग्राम जिले से एक बेहद ही दर्दनाक खबर सामने आई है. यहां अपनी मां के साथ ननिहाल आई डेढ़ साल की बच्ची की मौत घर के सामने बनी नाली में गिरने हों गई. घर के बाहरी द्वार पर बनें रैंप के नीचे पानी की निकासी के लिए गहरी नाली बनी हुई है.

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पुरा वाक्या चार सितंबर का बताया जा रहा है . खेलते समय लापता हुई बच्ची की परिजनों ने पहले गांव में तलाश की .जब बच्ची नहीं मिली तो पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस कर्मी भी अपहरण की आंशका के चलते खोजबीन करते रहे. शाम को जब नाली ओवरफ्लो हुईं तो उसकी सफाई करते समय बच्ची का शव मिलने से हर कोई हैरान रह गया.

मिली जानकारी अनुसार दिल्ली के गांव झटिकरा निवासी सुदेश अपनी डेढ़ साल की बच्ची नायरा के साथ तीन सितंबर को अपने मायके गांव बुढ़ेडा आई थी. अगले दिन सुबह करीब नौ बजे के आसपास नायरा खेल-खेल में घर के मुख्य द्वार पर बनें रैंप के नीचे बनी गहरी नाली में गिर गई. परिजनों ने बच्ची को इधर-उधर तलाश किया लेकिन बच्ची कही नहीं मिली.

इस बात का किसी को भी अंदेशा नहीं था कि घर के लोगों की सुविधा के लिए बनाएं गए रैंप के नीचे बनी नाली में बच्ची गिर सकती है. दोपहर तक काफी खोजबीन करने के बाद अपहरण की आंशका के चलते पुलिस को सूचना दी गई. शाम पांच बजे जब नाली ओवरफ्लो हुईं तो बच्ची के मामा योगेश ने नाली की सफाई करवाई तो बच्ची का शव बरामद हुआं जिसे देखकर सभी के होश उड़ गए. परिजन अपनी लापरवाही पर बहुत पछता रहे थे.

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बताया जा रहा है कि सुदेश के छोटे भाई की एक महीने पहले मौत हो गई थी . उस समय भी वह अपने मायके आई थी लेकिन रिवाज के मुताबिक महीने में दूसरी बार आने के चलते वह इस बार अपनी बेटी को भी साथ लेकर आई थी.

छोटे बच्चों का रखें विशेष ध्यान

अबोध बच्ची की मौत से समाज को यह सीख लेनी चाहिए कि यदि बच्चा छोटा है तो उसे अकेला नहीं छोड़े. बच्ची नायरा पर भी खेलते समय यदि ध्यान रखा जाता तो वह नाली में नहीं गिरती और यदि गिर भी जाती तो समय रहते उसे निकाल लिया जाता. घर में छोटा बच्चा है तो उसका विशेष ध्यान रखें क्योंकि गांवों और शहरों में अधिकतर लोगों ने अपने घरों के आगे रैंप बनवा रखे हैं. बच्ची नायरा आठ घंटे तक नाली में पड़ी रही और घर के किसी भी सदस्य को खबर तक नहीं हुई. एसीपी राजीव यादव ने कहा कि लोग बच्चों के प्रति लापरवाही न बरतें क्योंकि यह घटना लापरवाही की वजह से ही घटी है.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.