नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली- मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) पर सफर करने वालों के लिए 15 अगस्त से बड़ा बदलाव होने जा रहा है. देश में पहली बार किसी एक्सप्रेसवे पर वैरिएबल स्पीड लिमिट (परिवर्तनीय गति सीमा) लागू की जाएगी. इसके तहत दिन के अलग- अलग समय में ट्रैफिक के दबाव के हिसाब से वाहनों की अधिकतम रफ्तार तय होगी. पहले चरण में यह व्यवस्था दिल्ली सीमा में अक्षरधाम से सराय काले खां के बीच लागू की जाएगी. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने यह व्यवस्था IIT रुड़की और केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (CRRI) के सहयोग से तैयार की है

अधिकारियों के अनुसार, डीएमई से बड़ी संख्या में वाहन एक साथ मध्य दिल्ली पहुंचते हैं, जिससे आईटीओ और सराय काले खां जैसे इलाकों में जाम की स्थिति बन जाती है. नई व्यवस्था से वाहनों की एंट्री नियंत्रित होगी.
DME पर तेज रफ्तार पड़ेगी भारी
नई स्पीड लिमिट के अनुसार रात 12 बजे से सुबह 7 बजे तक कारें अधिकतम 65 किमी प्रति घंटा और भारी वाहन 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकेंगे. सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक कारों की अधिकतम गति 55 किमी प्रति घंटा और भारी वाहनों की 45 किमी प्रति घंटा रहेगी. वहीं, शाम 5 बजे से रात 12 बजे तक कारों के लिए 60 किमी प्रति घंटा और भारी वाहनों के लिए 40 किमी प्रति घंटा की सीमा तय की गई है.
बदलेगी स्पीड लिमिट
इस व्यवस्था को लागू करने से पहले एक्सप्रेसवे पर लगे पुराने स्पीड बोर्ड ढक दिए गए हैं. उनकी जगह डिजिटल वैरिएबल स्पीड डिस्प्ले बोर्ड लगाए गए हैं, जो तय समय के अनुसार नई गति सीमा दिखाएंगे. अभी अक्षरधाम मंदिर और पांडव नगर फुटओवर ब्रिज के पास दो डिजिटल बोर्ड लगाए गए हैं, जबकि आगे और बोर्ड लगाए जाएंगे. CRRI ने ट्रैफिक की निगरानी के लिए विशेष सेंसर भी लगाए हैं. स्पीड डिटेक्शन कैमरे डिजिटल बोर्ड पर दिख रही स्पीड लिमिट के आधार पर निगरानी करेंगे. तय सीमा से अधिक रफ्तार मिलने पर ट्रैफिक पुलिस चालान करेगी. अधिकारियों के अनुसार, 3 महीने बाद इस व्यवस्था की समीक्षा कर रिपोर्ट सड़क परिवहन मंत्रालय को भेजी जाएगी.