हरियाणा SI भर्ती के लिए विधायक गोलन के बेटे ने भाजपा नेता को दिए 49 लाख रुपए, HSSC में सेटिंग का था दावा

चंडीगढ़, HSSC SI Bharti | हरियाणा में भ्रष्टाचार के माध्यम से सेंध लगाने की कोशिश का बड़ा खुलासा हुआ है. यह खुलासा दैनिक भास्कर समूह ने किया है. दैनिक भास्कर से मिली जानकारी के अनुसार, पूंडरी के निर्दलीय विधायक और पूर्व भाजपा नेता रणधीर गोलन के बेटे अमित ने सब इंस्पेक्टर (SI) भर्ती के लिए भाजपा किसान मोर्चा के सदस्य विनोद खर्च को 49 लाख रु. दिए थे. काम न होने और पैसे वापस न मिलने पर अमित ने 5 जुलाई को पंचकूला में विनोद पर ठगी का केस दर्ज करा दिया. एसआई भर्ती प्रक्रिया अक्टूबर 2021 से मार्च 2022 तक हुई थी. अमित के मुताबिक विनोद ने हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (HSSC) में किसी से सेटिंग की बात कहकर पैसे लिए थे.

Haryana Staff Selection Commission HSSC

अमित ने FIR में अपनी ज्यादा पहचान नहीं बताई. करीब डेढ़ माह की जाँच में भास्कर को कुछ कॉल रिकॉर्डिंग मिली, जिनमें विधायक गोलन की विनोद के साथ पैसे के लेन-देन की बातचीत का ठोस सबूत है. ठगी का केस दर्ज होने के बाद से विनोद भूमिगत है. पंचकूला सेशन कोर्ट व हाई कोर्ट से उसकी अग्रिम जमानत याचिका रद्द हो चुकी हैं. सरकारी नौकरियों के नाम पर पैसों के इस लेन-देन ने कई बड़े प्रश्न उतपन्न कर दिए है.

सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायक के बेटे ने किसी रिश्तेदार को नौकरी लगवाने के लिए भाजपा के एक छोटे से कार्यकर्ताों को किस आधार पर पैसे दिए ? क्या उसके HSSC में अच्छे संपर्क थे? विनोद का एचएसएससी के एक कथित सदस्य साथ बातचीत का ऑडियो भी सामने आया है, जिसमें VLDA और कांस्टेबल भर्ती से जुड़े लेन देन की बात दिखी.

10-20 करोड़ रुपए ले रखे हैं: अमित

विधायक गोलन के बेटे अमित ने कहा कि विनोद ने नौकरियों के नाम पर 10-20 करोड़ रुपए लिए हुए है. एक एचएसएससी सदस्य का नाम लेता था. जब हम युवा मोर्चा में थे, तब से संपर्क में था. मैं झांसे में फंस गया 49 लाख रुपए अटक गए. विधायक का कहना है कि मुझे बाद में पता चला कि मेरे बेटे को फंसा लिया गया है. एक नौकरी के नाम पर पैसे ले गया. मसला मेरे पास बाद में पहुंचा. कहता था कि तुम तो विधायक हो और तुमसे कोई पैसे लेता नहीं. मेरी स्टाफ सिलेक्शन में सम्पर्क है.

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मेरे खिलाफ राजनीतिक षड्यंत्र, आवाज मेरी नहीं शेरा

शेरा ने कहा कि केस दर्ज होने पर इसके बारे में पता चला. FIR में मेरा नाम नहीं है. मैं सदस्य बना तो हर कोई सोचने लगा कि उसका काम हो जाएगा. ऐसा नहीं होता. कोई भी मेरी आवाज निकाल लेगा. मेरे खिलाफ राजनीतिक ष्ठायंत्र है. विनोद ने माजरा गांव से 25 लाख रुपए, लाखु बुआना से एक सेक्रेटरी के 50 लाख और दो सोनीपत के इंस्पेक्टर से 50 लाख ले रखे है.

यह संयोग या कड़ियां जुड़ीं : केस के 7 दिन बाद HSSC सदस्य शेरा का इस्तीफा

बिनोद पर केस के 7 दिन बाद ही एचएसएससी सदस्य सत्यवान शेरा के इस्तीफे की सूचना आई विनोद और शेरा, दोनों पानीपत से है. विवाद में अभी औपचारिक तौर पर शेरा का नाम कहीं नहीं आया है. लेकिन एक ऑडियो में विनोद व कथित तौर पर शेरा के बीच भर्ती को लेकर बातचीत का दावा है. शेरा के जिक्र पर अमित ने भी माना कि विनोद उनका नाम लेता था.

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Deepika Bhardwaj
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मेरा नाम दीपिका भारद्वाज है. पिछले साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar वेबसाइट पर राइटर का काम कर रही हूँ. मैं यहाँ हरियाणा व दिल्ली में निकली सरकारी और प्राइवेट नौकरी से जुड़ी जानकारी साझा कर रही हूँ.