अंबाला | हरियाणा के अंबाला छावनी में देशभक्ति और इतिहास का एक भव्य प्रतीक तैयार हो चुका है. बता दें कि 1857 की पहली स्वतंत्रता क्रांति के वीर शहीदों की याद में बनाया गया अंबाला में एशिया का सबसे बड़ा शहीद स्मारक अब उद्धाटन के लिए तैयार है. लगभग 700 करोड़ रुपए की लागत से बने इस विशाल स्मारक का उद्धाटन जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा.

63 मीटर ऊंचा मेमोरियल टॉवर
इस स्मारक का उद्देश्य 1857 की क्रांति में बलिदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देना और नई पीढ़ी को देश के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से जोड़ना है. इस स्मारक का सबसे बड़ा आकर्षण 63 मीटर ऊंचा कमल के आकार का मेमोरियल टॉवर है.
इस टॉवर पर रात के समय आधुनिक लाइट एंड साउंड शो आयोजित किया जाएगा, जिसमें 1857 की क्रांति और स्वतंत्रता संग्राम की कहानी को तकनीक के माध्यम से दर्शाया जाएगा. इसके अलावा स्मारक टावर के ठीक सामने एक एम्फीथिएटर होगा, जिसमें 2 हजार लोगों के बैठने की क्षमता होगी. यहां देशभक्ति कार्यक्रम, सांस्कृतिक आयोजन और ऐतिहासिक प्रस्तुतियां आयोजित की जा सकेगी.
बड़ा पर्यटन और ऐतिहासिक केंद्र
10 मई 1857 को देश की पहली आजादी की लड़ाई शुरु हुई थी और इस संघर्ष में असंख्य वीरों ने अपने प्राण न्योछावर किए थे. उन्हीं वीरों की स्मृति में अंबाला छावनी में यह विशाल शहीद स्मारक बनाया गया है. इस स्मारक में 1857 के विद्रोह से जुड़े घटनाक्रम, वीरों के संघर्ष और अंग्रेजों के खिलाफ लड़ी गई लड़ाइयों को डिजिटल माध्यमों, प्रदर्शनी और मल्टीमीडिया तकनीक के जरिए से दिखाया जाएगा. इससे देशभर से आने वाले पर्यटकों को स्वतंत्रता आंदोलन की विस्तृत जानकारी मिल सकेगी.