हांसी | हरियाणा सरकार राज्य के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है. इसी कड़ी में सरकार ने हांसी जिले में दिल्ली नेशनल हाईवे पर करीब 90 लाख रुपए की लागत से एक भव्य ‘सूर्यवंशी क्षत्रिय अरुट द्वार’ का निर्माण कार्य करवाया. इसका उद्घाटन हांसी के BJP MLA विनोद भयाना ने किया. इस परियोजना का उद्देश्य हांसी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को नई पहचान देना है.

अरुट द्वार का इतिहास
अरुट द्वार हरियाणा का सबसे ऐतिहासिक और शानदार प्रवेश द्वार बनने जा रहा है. इस प्रवेश द्वार का निर्माण विशेष रूप से हांसी की ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करना है. अरुट द्वार के इतिहास के बारे में ऐसा कहा जाता है कि त्रेता युग के दौरान भगवान परशुराम से निर्भयता का वरदान प्राप्त करने के बाद सूर्यवंशी क्षत्रिय राजा अरुत ने सिंधु नदी के तट पर एक किले का निर्माण कार्य करवाया था, जिसका नाम उन्होंने ‘अरुट कोट’ रखा था. कुछ समय बीत जाने के बाद इसकी पहचान ‘अरोर कोट’ के नाम से होने लगी. इसके बाद, महाराजा के वंशज और उनके सहयोगी ‘अरोड़ा’ के नाम से जाने जाते है.
MLA के अनुसार यह द्वार न केवल अरोड़ा खत्री समुदाय की आस्था और इतिहास का प्रतीक होगा, बल्कि यह हांसी की व्यापक सांस्कृतिक विरासत को भी खूबसूरती से प्रदर्शित करेगा. उन्होंने कहा कि महाराजा अरुत का इतिहास और उनके योगदान समाज के सभी वर्गों के लोगों के लिए सम्मान और गौरव का विषय है. इसी सद्भावना के साथ हांसी की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक पहचान को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से इस भव्य ‘अरुत द्वार’ का निर्माण किया जा रहा है.
राव तुला राम चौक का निर्माण
हांसी जिले में प्रवेश द्वार से ठीक पहले वीर योद्धा राव तुला राम के सम्मान में एक भव्य ‘राव तुला राम चौक’ भी बनाया जा रहा है. इस चौक पर उनकी बड़ी प्रतिमा को स्थापित किया जाएगा. यह चौक न केवल हांसी की सुंदरता और पहचान को बढ़ाएगा, बल्कि युवाओं में वीरता, बलिदान और देशभक्ति के मूल्यों की भावना उजागर करेगा.