चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार की न्यायिक सेवाओं में भर्ती प्रक्रिया को लेकर बड़ा संशोधन किया गया है. हरियाणा सरकार द्वारा हरियाणा उच्च न्यायिक सेवा (संशोधन) नियम, 2026 लागू कर दिए गए हैं. ये नए नियम 27 मार्च 2026 से प्रभावी हो चुके है. संशोधित नियमों के अंतर्गत अव न्यायिक सेवा में पदों को भरने के लिए प्रमोशन, सीमित प्रतियोगी परीक्षा और सीधी भर्ती का स्पष्ट ढांचा निर्धारित किया गया है.
यह रहेंगे नए प्रावधान
नए प्रावधानों के मुताबिक, 50 प्रतिशत पद मेरिट-कम-सीनियरिटी के आधार पर प्रमोशन से भरे जाएंगे जबकि 25 प्रतिशत पद सीमित प्रतियोगी परीक्षा और 25 प्रतिशत पद सीधी भर्ती के जरिए भरे जाएंगे. सीमित प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से पदोन्नति के लिए कम से कम 7 वर्ष का एक्सपीरियंस और 35 वर्ष की आयु तय की गई है.
वकीलों के लिए कड़े मानदंड
सीधी भर्ती के लिए वकीलों के लिए भी सख्त शर्ते निर्धारित की गई है. अभ्यर्थी को कम से कम तीन सालों तक आयकर दाता होना कंपलसरी होगा. वार्षिक न्यूनतम आय पांच लाख रुपये और हर साल कम से कम 50 मामलों की पैरवी का प्रमाण देना होगा. रिजर्व केटेगरी के उम्मीदवारों को इन शतों में आंशिक छूट मिलेगी.
रोस्टर सिस्टम से रहेगी पारदर्शिता
भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए रोस्टर सिस्टम लागू हो चुका है. इसके तहत, हर 4 पदों पर क्रमशः प्रमोशन, प्रमोशन, परीक्षा और सीधी भर्ती का पैटर्न फॉलो किया जाएगा. सरकार द्वारा वरिष्ठता निर्धारण के रूल्स भी स्पष्ट किए हैं ताकि भर्ती प्रक्रिया लेट होने पर किसी प्रकार का विवाद खड़ा ना हो.
