चंडीगढ़ । हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र में एक सवाल के जवाब में डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रदेश में प्राइवेट नौकरियों में 75% आरक्षण के बीच अनुसूचित जाति (एससी) और बैकवर्ड क्लास (बीसी) को अलग से कोई आरक्षण नहीं मिलेगा. डिप्टी सीएम दुष्यंत ने यह जानकारी विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक बलबीर सिंह के सवाल पर दी.
विधायक बलबीर सिंह ने विधानसभा में सवाल उठाया कि क्या प्रदेश के अंदर प्राइवेट नौकरियों में बेरोजगार युवाओं को 75% आरक्षण प्रदान करने वाली सरकार की नीति में एससी और बीसी वर्ग को आरक्षण देने का कोई प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन है.
इस सवाल के जवाब में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि संविधान के मुताबिक प्राइवेट सेक्टर की नौकरियों में आरक्षण का प्रावधान नहीं है. हरियाणा में प्राइवेट सेक्टर की नौकरियों में स्थानीय युवाओं को 75% आरक्षण के बीच अनुसूचित जाति और बैकवर्ड क्लास को अलग से आरक्षण नहीं मिलेगा.
वहीं कोयला संकट पर भी विधानसभा में बिजली मंत्री रणजीत सिंह और कांग्रेस विधायिका किरण चौधरी के बीच बहसबाजी देखने को मिली. किरण चौधरी ने प्रश्नकाल के दौरान सवाल उठाया कि कोयला संकट के दौरान सरकार ने कितनी बिजली महंगे दामों में खरीदी.
इसके जवाब में रणजीत चौटाला ने कहा कि प्रदेश में कोयला संकट के दौरान बिजली की कमी जैसी किसी तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़ा. वहीं इस दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश की जनता को बिजली की कमी नहीं आने दी जाएगी. आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पहले भी मार्केट रेट पर बिजली ली गई है और प्रदेश में बिजली संकट पैदा न हो, इसके लिए जिन दामों पर बिजली मिलेगी उस रेट पर खरीदकर मुहैया कराई जाएगी.
