चंडीगढ़ | हरियाणा में किसानों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. रबी सीजन की फसलों की सरकारी खरीद प्रक्रिया को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बताया कि प्रदेश के किसानों को अगले सप्ताह से WhatsApp के माध्यम से QR कोड आधारित J- फॉर्म भेजें जाएंगे. इससे किसानों को लोन लेने सहित अन्य प्रकार की सुविधा मिलने की प्रक्रिया बेहद आसान हो जाएगी.

मुख्यमंत्री ने बताया कि अगले सीजन से किसानों के लिए ई- खरीद ऐप्लिकेशन लांच की जाएगी. इसमें किसानों को J- फॉर्म, भुगतान की स्थिति, भूमि बुवाई एवं उपज सत्यापन की स्थिति, गेट पास शेड्यूलिंग (अगली सरसों फसल से प्रारंभ), भूमि सत्यापन की स्थिति तथा सभी सूचनाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी. इससे खरीद कार्य में होने वाली अनावश्यक देरी से राहत मिलेगी.
हरियाणा के CM ने किसानों को दी बधाई
मुख्यमंत्री ने बताया कि 11 अप्रैल को एक ही दिन में 7.71 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक दर्ज हुई थी जो अपने आप में बड़ा रिकॉर्ड हैं. वहीं, 24 अप्रैल तक मंडियों में 81 लाख 48 हजार मीट्रिक टन गेहूं मंडियों में पहुंच चुका है, जिसकी कीमत 21 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा हैं. मुख्यमंत्री ने इसे किसानों के कठोर परिश्रम का परिणाम बताते हुए उन्हें बधाई दी.
मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि किसानों को उनकी फसल का भुगतान 48 से 72 घंटे के बीच डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे बैंक खातों में किया जा रहा है. इसके साथ ही, हर रोज करीब साढ़े 3 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उठान किया जा रहा है, जिससे मंडियों में भीड़ कम रखने की कोशिश हो रही है.
फर्जीवाड़े पर लगाया अंकुश
हमारी सरकार द्वारा बायोमेट्रिक सत्यापन, जियो-फेंसिंग और CCTV कैमरों के जरिए फर्जी खरीद पर रोक लगाई गई है. 416 मंडियों और 128 सब यार्ड में ये सिस्टम लागू किया गया है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और किसानों को लाइन में खड़े रहने की समस्या से राहत मिली है.