चंडीगढ़ | राजधानी चंडीगढ़ में सरकारी आवास लेने के लिए कर्मचारियों और अधिकारियों को ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य होगा. बता दें कि चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा इसके लिए एक नया ऑनलाइन मॉड्यूल विकसित किया जा रहा ह. मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने- अपने विभागों में नोडल अधिकारी नियुक्त करें और निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी आवश्यक विवरण उपलब्ध कराएं.

मौजूदा नियमों के अनुसार, पात्र कर्मचारियों को ई- आवास पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होता है. साथ ही, संबंधित विभाग से सत्यापित हार्ड कॉपी भी भेजनी पड़ती है. प्रत्येक माह की 20 तारीख तक प्राप्त आवेदन अगले महीने के आवंटन चक्र में शामिल किए जाते हैं जबकि अधूरे या अपात्र आवेदन निरस्त किए जा सकते हैं.
ऑनलाइन मॉड्यूल तैयार
हाउस अलॉटमेंट कमेटी के अनुसार ई- ऑफिस प्रणाली लागू होने के बावजूद कई आवेदन अभी भी पूरी तरह सत्यापित प्रक्रिया का पालन किए बिना भेजे जा रहे हैं. इसके अलावा, स्थानांतरण और पदस्थापन से जुड़ी जानकारी समय पर अपडेट न होने के कारण कई अपात्र कर्मचारी भी वरिष्ठता सूची में बने रहते हैं. कुछ मामलों में पात्रता समाप्त होने के बाद भी सरकारी आवासों पर कब्जा जारी रहता है जिस पर नियमानुसार दंडात्मक किराया और ब्याज वसूला जा सकता है. इन समस्याओं को दूर करने के लिए नया ऑनलाइन मॉड्यूल तैयार किया जा रहा है. इस प्रणाली के लागू होने के बाद विभागाध्यक्षों या नामित नोडल अधिकारियों द्वारा डिजिटल सत्यापन के बाद ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे.
रियल टाइम होगी अपडेट
स्थानांतरण और पदस्थापन की जानकारी रियल टाइम में अपडेट होगी, अपात्र कर्मचारियों की पहचान आसान होगी और वरिष्ठता सूची अपडेट होती रहेगी. मॉड्यूल को लागू करने के लिए सभी विभागों से पात्र कार्यालयों का विवरण मांगा गया है जिसमें विभागाध्यक्षों के नाम और पदनाम, कार्यालय का पता, एनआईसी में पंजीकृत आधिकारिक ई-मेल आईडी, मोबाइल नंबर और डीडीओ कोड शामिल हैं. यह जानकारी 7 दिनों के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं.