चंडीगढ़ | हरियाणा में रेहड़ी- पटरी लगाकर अपना जीवनयापन करने वाले लोगों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. बता दें कि प्रदेश सरकार ने इन लोगों की शिकायतों की सुनवाई और विवादों को निपटाने के लिए सभी जिलाें में स्ट्रीट वेंडर्स विवाद निवारण समिति गठित करने का फैसला लिया है. इन समितियों की कमान रिटायर्ड सिविल जज या न्यायिक दंडाधिकारी को सौंपी जाएगी. कमेटी में दो पेशेवर या सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी शामिल किया जाएगा.
शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीना ने स्ट्रीट वेंडर्स विवाद निवारण समिति गठित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं. इस समिति में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राज्य सरकार द्वारा की जाएगी.
हरियाणा में समिति के सामने रखनी होगी शिकायतें
सचिव अशोक मीणा ने बताया कि जिले में पड़ने वाले सभी नगर निगम और परिषद और समितियां से जुड़े मामले जिला स्तरीय समिति देखेगी. नगर निगम क्षेत्र में अतिरिक्त नगर आयुक्त या उप नगर आयुक्त, नगर परिषद में कार्यकारी अधिकारी और नगर समिति के मामले में सचिव समिति की सहायता करेंगे. सप्ताह में एक बार या समिति के अध्यक्ष द्वारा निर्धारित समय पर समिति के समक्ष शिकायतें प्रस्तुत करनी होंगी.
15 दिन में होगा निपटारा
प्रत्येक स्ट्रीट वेंडर, जिसे कोई शिकायत या विवाद है, सादे कागज पर प्रपत्र- I में जिला स्ट्रीट वेंडर विवाद निवारण समिति को लिखित आवेदन कर सकेगा. इसके बाद, समिति आवेदन पर सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों की बात सुनेगी. यदि जरूरी हुआ तो समिति विवाद के कारण और विषय वस्तु का भौतिक सत्यापन कर सकती है.
इसके लिए समिति या तो अपने किसी सदस्य को नियुक्त कर सकती है या फिर नगरपालिका के किसी अधिकारी की सेवाएं ली जा सकेंगी. समिति को अधिकतम 15 दिन में मामले का निपटारा करना होगा. समिति के फैसले से असंतुष्ट कोई भी व्यक्ति सक्षम प्राधिकारी को फार्म- II में सादे कागज पर लिखित आवेदन के माध्यम से अपील कर सकेगा.
