चंडीगढ़ | हरियाणा विधानसभा चुनाव में मिली अप्रत्याशित हार के बाद से ही कांग्रेस पार्टी (Haryana Congress) के नेताओ मे घमासान मचा हुआ है. नई दिल्ली में शनिवार को हुई कांग्रेस नेताओं की समीक्षा बैठक में लंबे समय बाद पार्टी प्रभारी दीपक बाबरिया भी शामिल हुए.
बाबरिया ने चुप्पी तोड़ी
हरियाणा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष उदयभान सिंह अभी तक दीपक बाबरिया की कार्य प्रणाली पर सवाल उठा रहे थे. बाबरिया ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि यदि सब लोग यह मानते हैं कि कांग्रेस की हार में मेरा दोष है, तो मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं, लेकिन असली बात यह है कि 10 से 15 विधानसभा सीटों पर टिकटों का वितरण सही ढंग से नहीं किया गया था.
उदयभान ने जड़े थे आरोप
हरियाणा कांग्रेस प्रभारी दीपक बाबरिया टिकट वितरण के बाद से अस्वस्थ हैं तथा संगठन की बैठकों में भागीदारी नहीं कर रहे थे. उनकी गैर- मौजूदगी में प्रदेशाध्यक्ष उदयभान ने आरोप लगाया कि दीपक बाबरिया की वजह से हरियाणा में कांग्रेस का संगठन नहीं बन पाया, क्योंकि वह उनके द्वारा भेजी गई सूचियों को अपने पास दबाकर बैठे रहे और उन्हें हाईकमान के पास मंजूरी के लिए नहीं भेजा.
उदयभान ने यह भी कहा था कि दीपक बाबरिया को पहले से यह सूचना थी कि एक दर्जन से अधिक सीटों पर कांग्रेस हार रही है. उन्हें यह संदेश आ गया था लेकिन बाबरिया ने यह संदेश छिपाकर रखा और पार्टी को इसकी सूचना नहीं दी.
उदयभान के सवालों का दिया दृढ़ता से जवाब
दीपक बाबरिया ने उदयभान के इन दोनों आरोपों का पूरी दृढ़ता से जवाब देते हुए कहा कि मेरे पास जब कई सीटों पर धांधली होने संबंधी संदेश आया, तो मैंने उसे तुरंत पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष उदयभान के पास फारवर्ड कर दिया था, लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया. उन्होंने कहा कि आगे जरूरी बैठकों में मेरी भागेदारी रहेगी. सब लोग कह रहे हैं कि मेरा दोष है, इसलिए मैं कांग्रेस की हार की जिम्मेदारी स्वीकार करता हूं.
कैप्टन ने खड़ा किया सवाल
कैप्टन अजय यादव ने कहा कि बाबरिया के मुताबिक, यदि उन्होंने यह संदेश पार्टी अध्यक्ष उदयभान को भेजा था, तो उन्हें यह जवाब देना चाहिए कि उदयभान ने यह संदेश पार्टी प्लेटफॉर्म पर क्यों नहीं रखा और वे कैसे बाबरिया पर ही हमले पर हमले कर रहे हैं.
