चंडीगढ़ | हरियाणा में गब्बर के नाम से मशहूर उर्जा एवं परिवहन मंत्री अनिल विज (Anil Vij) अपने बगावती तेवरों के चलते पार्टी हाईकमान के निशाने पर आ गए हैं. मुख्यमंत्री नायब सैनी और प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली के खिलाफ तीखी बयानबाजी करने वाले अनिल विज अब फंस गए हैं. BJP ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 3 दिन के भीतर जवाब मांगा है.

गब्बर को हाईकमान ने थमाया नोटिस
अनिल विज ने सीएम सैनी और प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली के खिलाफ लगातार बयानबाजी करते हुए सूबे की राजनीति में हलचल पैदा कर दी थी. मुख्यमंत्री की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर विज ने उसपर गद्दार का ठप्पा लगा दिया था. उन्होंने मुख्यमंत्री को लेकर बयान दिया था कि जब से सीएम बने हैं, उड़नखटोले पर ही घूम रहे हैं. नीचे उतरेंगे तो जनता का दुःख- दर्द समझेंगे और मंत्रियों, विधायकों और लोगों की आवाज सुनेंगे.
कसौली गैंगरेप मामले में प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली का नाम सामने आने पर मंत्री अनिल विज ने उनसे इस्तीफा देने की बात कही थी. उन्होंने कहा था कि जब तक हिमाचल पुलिस और कोर्ट उन्हें क्लीन चिट नहीं दे देती है, उन्हें प्रदेशाध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे देना चाहिए. पार्टी की पवित्रता और सिद्धांत को बनाए रखने के लिए यह जरूरी है.
बडौली ने थमाया नोटिस
प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने मंत्री अनिल विज को नोटिस जारी कर 3 दिन में जवाब मांगा है. इस नोटिस में लिखा गया है कि आपने पार्टी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री पद के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बयान दिया है. यह बेहद गंभीर है. यह कदम न केवल पार्टी की विचारधारा के खिलाफ है, बल्कि यह उस समय हुआ, जब पार्टी पड़ोसी राज्य दिल्ली में चुनावी अभियान चला रही थी.
चुनावी समय में इस तरह की बयानबाजी से पार्टी की छवि को नुकसान होगा, यह जानते हुए भी आपने यह बयान दिए, जो पूरी तरह से अस्वीकार्य है. नोटिस में इसे घोर अनुशासनहीनता माना गया है और अनिल विज को 3 दिन के अंदर लिखित जवाब देने की बात कही गई है.