चंडीगढ़ | हरियाणा में गन्ने की खेती लगातार कम होती जा रही है. प्रदेश में पिछले कुछ सालों में गन्ने के रकबे व उत्पादन में भारी गिरावट दर्ज की गई है. हरियाणा विधानसभा में पेश आंकड़ों के अनुसार, साल 2020- 21 की तुलना में गन्ने के रकबे में साल 2025- 26 में गन्ने के रकबे में लगभग 83,658 एकड़ की कमी का अनुमान जताया गया है.
औसत पैदावार में 18.09 क्विंटल प्रति एकड़ व उत्पादन में 322.54 क्विंटल की कमी दर्ज हुई है. इसका सीधा असर चीनी मिलों पर पड़ रहा है. गन्ना पिराई के औसत कार्य दिवस में लगभग 40% की कमी आंकी गई है.
हरियाणा सरकार लाई है कई योजनाएं
BJP विधायक घनश्याम दास अरोड़ा की ओर से बजट सत्र में लगाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब देते हुए सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार गन्ने को बढ़ावा देने के लिए वित्त वर्ष 2026- 27 के बजट में कई योजनाएं लेकर आई है. उन्होंने बताया कि गन्ना प्रौद्योगिकी मिशन योजना के तहत किसानों को उत्पादन बढ़ाने के लिए नई तकनीक में प्रति एकड़ 3 हजार रुपये के बजाय अब 5000 रुपए सब्सिडी का प्रावधान किया गया है.
डॉ. शर्मा ने बताया कि समय व आवश्यकतानुसार श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित न होने, गन्ने की कटाई के लिए कृषि यंत्रों की उपलब्धता में कमी और पिछले कुछ सालों से मौसम में अचानक बदलाव से भी गन्ने की औसत पैदावार व कुल उत्पादन में गिरावट आई है.
सब्सिडी राशि में बढ़ोतरी
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि गन्ने का क्षेत्रफल बढ़ाने व गन्ने की फसल को अधिक लाभकारी बनाने के लिए हर साल राज्य सुझावित मूल्य (एसएपी) जारी किया जाता है. विभाग की ओर से गन्ने की नवीनतम तकनीकों के बारे में बिजाई से लेकर कटाई तक समय- समय पर किसानों को जागरूक किया जा रहा है. किसानों को स्वस्थ और रोग मुक्त बीज उपलब्ध करवाने के लिए प्रति एकड़ 5 हजार रुपए की सब्सिडी दी जाती है.
उन्होंने बताया कि किसानों को गन्ने की नवीनतम किस्मों जैसे CO-15023 का बीज खरीदने व बीज बनाकर किसी अन्य किसान को बेचने, दोनों ही अवस्था में 5 हजार रुपए प्रति एकड़ का अनुदान दिया जाता है. एकल आंख विधि से गन्ने की बिजाई करने वाले किसानों को 3 हजार की बजाय 5 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि मिलेगी. गन्ना प्रौद्योगिकी मिशन के तहत 4 फीट दूरी पर चौड़ी कतारों में गन्ना रोपण पर अब 3 हजार की बजाय 5 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि मिलेगी.
श्याम सिंह राणा ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में सरकार गन्ने की खेती के लिए टिशू कल्चर विधि अपनाने वाले किसानों को गन्ने की पौध निःशुल्क प्रदान किए जाने का प्रस्ताव रखा है. वहीं, सहकारी चीनी मिलें किसानों को उनकी उपज की कटाई के लिए गन्ना हार्वेस्टर प्रदान करेंगी जिससे गन्ना की कटाई की लागत में कमी आएगी.
