चंडीगढ़ | हरियाणा में टीचर ट्रांसफर पॉलिसी का मामला अब पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय पहुंच गया है. हाईकोर्ट में इस पर अहम सुनवाई हुई. राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग में कार्य कर रहे जेबीटी/ पीआरटी और पीजीटी/ लेक्चरर शिक्षकों की तरफ से दायर याचिका में कपल केस के तहत राहत की मांग उठाई गई है. यदि पूरे मामले की बात करें तो यह याचिका अधिवक्ता संचित पूनिया के जरिए दायर की गई है.
9 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई
इसमें बताया गया है कि जिन शिक्षकों के जीवनसाथी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (सरकारी बैंकों) में नियमित कर्मचारी हैं, उन्हें ट्रांसफर पॉलिसी में कपल केस के आधार पर प्राथमिकता मिलनी चाहिए. सुनवाई के दौरान 18 मार्च 2026 को सरकार के वकील ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि फिलहाल जारी ट्रांसफर ड्राइव के तहत कोई भी ट्रांसफर आर्डर जारी नहीं होगा. इस आश्वासन को रिकॉर्ड पर लेते हुए हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 09 अप्रैल 2026 निर्धारित कर दी है.
निर्णायक मोड़ पर मामला
अब यह मामला अगली तारीख पर विस्तृत सुनवाई के लिए लिस्टेड है. राज्य के हजारों शिक्षकों को इस निर्णय की प्रतीक्षा है क्योंकि इससे उनकी पोस्टिंग और पारिवारिक जीवन सीधे तौर पर प्रभावित होगा. कपल केस नीति को लेकर साफ दिशा-निर्देश की मांग उठाई गई है. सरकारी बैंक कर्मचारियों के जीवनसाथियों को शामिल करने का मुद्दा भी सामने लाया गया है.
हरियाणा में शिक्षक तबादला नीति को लेकर यह मामला अब निर्णायक मोड़ पर है. 09 अप्रैल की सुनवाई में कोर्ट का नजरिया हजारों शिक्षकों के भविष्य और नीति की दिशा निर्धारित कर सकता है.
