अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बाद होगा मतदान, कुल 88 विधायक, सरकार को चाहिए 45 का आंकड़ा

चंडीगढ़ । भाजपा और जजपा की ओर से अपने सभी विधायकों से अपने पक्ष में मतदान करने का अनुरोध किया गया है. भाजपा की तरफ से मुख्य सचेतक कंवरपाल, जजपा की ओर से मुख्य सचेतक अमरजीत ढ़ाण्डा, कांग्रेस की तरफ से मुख्य सचेतक बीवी बत्रा ने व्हिप जारी किया है.

FotoJet 3

भाजपा व जजपा सरकार ने अपने विधायकों से सदन ने छोड़ने की अपील की 

भाजपा ने अपने नेताओं कों कहा कि सदन की अनुमति के बिना कोई भी नेता सदन नहीं छोड़ेगा. सदन में महत्वपूर्ण विधायी कार्य होने है. साथ ही उन्होंने कहा कि वोटिंग के दौरान सभी को सरकार के पक्ष में वोट करना है. जजपा द्वारा भी अपने विधायकों को सदन न छोड़ने की हिदायत दी गई है . साथ ही उन्होंने अपने विधायकों से कहा है कि वे सभी अविश्वास प्रस्ताव के विरोध में वोटिंग करें. बत्रा ने कहा कि कोई भी विधायक नेता प्रतिपक्ष की मंजूरी के बिना सदन से बाहर नहीं जाएगा.

यह भी पढ़े -   अब सरकारी स्कूलों में दाखिले के लिए नहीं चाहिए SLC, निजी स्कूलों को झटका

सभी अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करेंगे. सभी विधायकों को सुबह 10:00 बजे सदन में उपस्थित होना होगा. बता दें कि अभी विधानसभा में 88 सदस्य हैं. अभय चौटाला के इस्तीफे से ऐलनाबाद सीट खाली हुई है. वही कालका के विधायक प्रदीप चौधरी को एक मामले में 3 साल की सजा होने पर अयोग्य घोषित किया गया था, जिसके बाद उनकी सीट खाली हो गई. ऐसे में गठबंधन सरकार को बहुमत के लिए 45 का आंकड़ा ही चाहिए.

यह भी पढ़े -   बहादुरगढ़ की माशू ब्रेक कंपनी में लगी भीषण आग, आसमान में दूर-दूर तक छाया धुआँ

 

जजपा को वास्तव में कुर्सी ही प्यारी- रणदीप सुरजेवाला

भाजपा के 40, जजपा के 10, कांग्रेस के 30, निर्दलीय सात व एक हलोपा विधायक है. 2 सीटें अभी भी खाली है. भाजपा- जजपा व निर्दलीय विधायक बलराज सिंह कुंडू को छोड़ दिया जाए, तो इनके पास  56 विधायकों का आंकड़ा  बनता है. ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कितने विधायक अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में और कितने विधायक इसके विपक्ष में वोटिंग करते हैं.

यह भी पढ़े -   आखिर दुष्यंत चौटाला के पानीपत जाने के कारण विज ने क्यों किया अपना दौरा रद्द, जाने वजह

कांग्रेस को उम्मीद है कि किसान आंदोलन के चलते बने दबाव के कारण कुछ निर्दलीय विधायक उनके पक्ष में वोटिंग कर सकते हैं. कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने जजपा पर निशाना साधा. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि खुद को किसान हितों की परोपकारी बताने वाली दुष्यंत चौटाला की पार्टी जजपा को वास्तव में कुर्सी  के अलावा कुछ नहीं चाहिए,  उन्हें सबसे प्यारी कुर्सी है.

हमें Google News पर फॉलो करे- क्लिक करे! हरियाणा की ताज़ा खबरों के लिए अभी हमारे हरियाणा ताज़ा खबर व्हात्सप्प ग्रुप में जुड़े!