दिल्ली का पब्लिक ट्रांसपोर्ट होगा इलेक्ट्रिक, डिपो निर्माण कार्य तेज; चुनौती बरकरार

नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन को पूरी तरह आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में सरकार तेजी से कार्य रकिया जा रहा है. इसी कड़ी में इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा बढ़ा रही है. हालांकि, इस योजना के सामने एक बड़ी चुनौती इलेक्ट्रिक बस डिपो का समय पर तैयार न होना बनती दिखाई दे रही है. बता दें कि दिल्ली सरकार इस वित्तीय साल के अंत तक 3300 नई इलेक्ट्रिक बसों को सड़कों पर उतारने की योजना बना रही है. इनमें पीएम ई- ड्राइव योजना के तहत 2800 लो- फ्लोर इलेक्ट्रिक बसें और 500 सात मीटर लंबाई वाली बसें शामिल हैं.

Electric Bus Depot

अब सवाल यह है कि यदि इलेक्ट्रिक डिपो समय पर तैयार नहीं हुए तो इन बसों का संचालन और पार्किंग कैसे होगी. परिवहन विभाग वर्तमान में लगभग 50 बस डिपो को सीएनजी से इलेक्ट्रिक डिपो में बदलने की प्रक्रिया पर काम कर रहा है.

निर्माण कार्य में तेजी

इन डिपो में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रांसफार्मर, बिजली आपूर्ति व्यवस्था, चार्जिंग बे और पार्किंग सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है. विभागीय सूत्रों के अनुसार, साल 2026 के अंत तक सभी डिपो पूरी तरह तैयार हो पाना मुश्किल दिखाई देता है. दिल्ली वर्तमान में देश के सबसे बड़े इलेक्ट्रिक बस नेटवर्क में शामिल है और यहां 4500 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें पहले से संचालित हो रही हैं. अब सरकार इस संख्या को और बढ़ाने की तैयारी में है. योजना के अनुसार, जून से दिसंबर 2026 के बीच 1400 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जानी हैं. इनमें 543 नौ मीटर लंबी देवी बसें और 857 बारह मीटर लंबी बसें शामिल होंगी.

आ रही यह समस्याएं

किसी भी डिपो तक पर्याप्त बिजली आपूर्ति पहुंचाना आसान काम नहीं है. इसके लिए नई बिजली लाइनें बिछानी पड़ती हैं, ट्रांसफार्मर लगाए जाते हैं और कई तकनीकी स्वीकृतियां लेनी पड़ती हैं. कई मामलों में केवल बिजली कनेक्टिविटी तैयार करने में ही 1 से 2 साल तक का समय लग जाता है. चरणबद्ध योजना के तहत, बसों की डिलीवरी से पहले आवश्यक डिपो तैयार कर लिए जाएंगे. अधिकारियों के अनुसार, बिजली वितरण कंपनियां और संबंधित एजेंसियां तेजी से काम कर रही हैं.

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DTC ई- बसें अनुसूची

बस श्रेणी जून जुलाई अगस्त सितंबर अक्टूबर नवंबर दिसंबर कुल
9 मीटर 120 70 70 70 70 70 73 543
12 मीटर 80 80 72 80 180 180 185 857
कुल 200 150 142 150 250 250 250 1400

यहां हो रहा बदलाव

दिल्ली के जिन प्रमुख स्थानों पर बस डिपो को इलेक्ट्रिक डिपो में बदला जा रहा है उनमें अंबेडकर नगर, डिचाऊं कलां, द्वारका, गाजीपुर, जीटीके, हरि नगर, कालकाजी, कंझावला, केशोपुर, मायापुरी, नरेला, पीरा गढ़ी, राजघाट, रोहिणी, शादीपुर, श्रीनिवासपुरी, सुभाष प्लेस, सुखदेव विहार और तेहखंड शामिल हैं. इनमें से कुछ डिपो का विद्युतीकरण पूरा हो चुका है जबकि कई स्थानों पर निर्माण कार्य जारी है.

यदि सभी परियोजनाएं तय समय पर पूरी हो जाती हैं तो आने वाले वर्षों में दिल्ली का सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क पूरी तरह इलेक्ट्रिक आधारित होने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा. इससे प्रदूषण कम करने और यात्रियों को बेहतर सुविधा देने में भी मदद मिलेगी.

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Sanjucta Pandit
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मेरा नाम संयुक्ता पंडित है. मै हरियाणा ई खबर में बतौर कंटेंट एडिटर के पोस्ट पर लगभग 4 सालों से काम रही हूँ. मेरी हमेशा कोशिश रहती है आप लोगो तक ब्रेकिंग न्यूज़ जल्द से जल्द अपडेट करूं और न्यूज़ में कोई व्याकरण की गलती न हो.