सिरसा | हरियाणा के सिरसा शहर में विकास कार्यों की धीमी रफ्तार और अधूरी परियोजनाओं को लेकर लोगों की चिंता लगातार बढ़ रही है. बरसात का मौसम नजदीक आने के साथ ही शहरवासियों को जलभराव और खराब सड़कों की समस्या सताने लगी है. हालात ऐसे हैं कि कुछ समय पहले तक विकास के दावे करने वाले जनप्रतिनिधि और अधिकारी अब व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते नजर आ रहे हैं. वहीं, मुख्यमंत्री नायाब सिंह सैनी ने हाल ही में विकास कार्यों की निगरानी सीधे अपने स्तर पर करने की जिम्मेदारी संभाली है लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि इसका असर अभी तक जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रहा है. शहर में कई विकास कार्य लंबे समय से अधूरे पड़े हैं और नागरिक बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान हैं.

पूर्व गृह मंत्री गोपाल कांदा ने भी सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए सीएम को पत्र लिखा है. उन्होंने आरोप लगाया है कि नगर परिषद के तहत होने वाले सड़क और गली निर्माण कार्यों के टेंडर निर्धारित लागत से 25 से 30 प्रतिशत कम दरों पर दिए जा रहे हैं.
सिरसा में विकास कार्यों की खुली पोल
उनका कहना है कि कम दरों पर काम मिलने के कारण निर्माण कार्यों में गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है. वहीं, नगर परिषद चेयरमैन वीर शांति स्वरूप का कहना है कि विकास कार्यों में देरी की एक बड़ी वजह पब्लिक हेल्थ विभाग से जुड़े अधूरे सीवरेज और पेयजल पाइपलाइन कार्य हैं. उनका तर्क है कि जब तक पाइपलाइन का काम पूरा नहीं होगा, तब तक सड़कों और गलियों का स्थायी निर्माण संभव नहीं है. बता दें कि शहर में जगह- जगह सड़कें उखड़ी हुई हैं और कई इलाकों में सीवरेज, पेयजल तथा स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज परियोजनाओं का काम जारी है.
नहीं किया जा रहा कार्य
मामले को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि 1 साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कई परियोजनाएं पूरी नहीं हो सकी हैं. जिन स्थानों पर सड़कें दोबारा बनाई गईं, वहां भी निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं. कई जगह सीसी सड़क हटाने के बाद इंटरलॉकिंग टाइलें लगाई गईं लेकिन उन्हें सही तरीके से नहीं बिछाया गया. नगर परिषद में प्रशासनिक बदलाव भी चर्चा का विषय बने हुए हैं. सरकार ने समय- समय पर ईओ से लेकर नगर आयुक्त तक कई अधिकारियों को बदला है. इसके बावजूद, इंजीनियर और तकनीकी स्टाफ की कमी बताई जा रही है जिससे विकास कार्यों और नक्शा पास करने जैसी प्रक्रियाओं में देरी हो रही है.
स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों का कहना है कि टूटी सड़कें, खराब सफाई व्यवस्था और पेयजल संकट जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं. लोगों ने मांग की है कि बरसात शुरू होने से पहले सड़कों, गलियों और जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए जिससे शहर को जलभराव और यातायात संबंधी परेशानियों से बचाया जा सके.