हिसार । हरियाणा सरकार ने प्रदेश के 9 जिलों में वीकेंड लॉकडाउन लगा दिया है. पिछले साल की तरह सम्पूर्ण लाकडाउन की आहट सुनाई देने के भय मात्र से ही प्रवासी मजदूर अपना सामान लेकर घरों की ओर लोटने की तैयारी में है. पिछले साल की बेबसी का डर उन्हें अभी से सताने लगा है. प्रवासी मजदूरों का कहना है कि सम्पूर्ण लाकडाउन होने से पहले वे किसी भी तरह बस अपने घर तक पहुंच जाएं.हिसार में 4:20 की ट्रेन के लिए दोपहर 12 बजे ही प्रवासी मजदूरों की भीड़ स्टेशन पर जुटना शुरू हो गई. जिन यात्रियों ने टिकट बुकिंग नहीं करवाई थी, उन्हें निराश होकर स्टेशन से वापस लौटना पड़ा.
शहर में दो दिन का लाकडाउन होने की वजह से सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है. शहर की लाइफ लाइन माने जाने वाले ऑटो बंद होने से प्रवासी मजदूरों को रेलवे स्टेशन तक का सफर पैदल ही तय करना पड़ रहा है. सड़क पर परिजात चौक के पास काफी संख्या में प्रवासी मजदूर स्टेशन तक जाते नजर आए.
बिहार के सीवान जिले से मजदूर परविन्द्र ने बताया कि उन्होंने दस दिन पहले ही अपने पूरे परिवार की टिकट बुक करवा ली थी. पिछली बार वो यहां दो महीने तक फंसे रहे थे. खाने-पीने का संकट हो गया था. लेकिन इस बार वो बगैर देरी किए सम्पूर्ण लाकडाउन लागू होने से पहले अपने घर पहुंचना चाहते हैं.
वहीं बिहार से ही एक अन्य मजदूर रामशरण दुबे भी सिर पर बैग रखकर रेलवे स्टेशन पर जाते नजर आए. उन्होंने कहा कि वो एक लोहे के पेंच बनाने वाली फैक्ट्री में काम करते हैं. कोरोना की वजह से फैक्ट्री बंद हो गई है. 2-3 महीने बाद हालात सामान्य हुए तो वापिस लौट आएंगे. किसी परिचित के माध्यम से गोरखपुर धाम एक्सप्रेस का टिकट बनवाया है.
वहीं यूपी के झांसी जिले के रहने वाले गोपाल सहाय ने कहा कि वे मकान निर्माण कार्य करते हैं. पिछले दस दिनों से कोई काम नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि वह बस में दिल्ली तक जाएंगे और उसके बाद दिल्ली रेलवे स्टेशन से टिकट का जुगाड कर अपने ठिकाने पर पहुंचेंगे.
