हरियाणा के इस शहर में बसेंगे 11 नए सेक्टर, लोगों को मिलेगी आधुनिक आवासीय सुविधाएं

फरीदाबाद | हरियाणा के स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में मास्टर प्लान 2031 के तहत शहरी विकास को नई दिशा देने पर काम शुरू हो गया है. हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) द्वारा लैंड पुलिंग मॉडल के तहत 11 नए सेक्टर विकसित करने की योजना बनाई गई है. इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य बढ़ती जनसंख्या को सुव्यवस्थित ढंग से बसाना और शहर में आधुनिक बुनियादी ढांचे का विस्तार करना होगा.

Faridabad City Home Ghar Colony

11 नए सेक्टर होंगे विकसित

इस प्रोजेक्ट के तहत, सबसे ज्यादा सेक्टर यमुना नदी के किनारे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के साथ- साथ विकसित किए जाएंगे. इनमें ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के साथ बसाने की योजना है. इनमें रेजीडेंशियल, कॉमर्शियल, इंडस्ट्रियल व ट्रांसपोर्ट नगर भी बसाया जाएगा. यहां नए सेक्टर विकसित होने के बाद यमुना नदी तक बहुमंजिला इमारतें दिखाई देंगी.

HSVP के एक अधिकारी ने बताया कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए नए सेक्टर बसाने की योजना तैयार की गई है, जिसके तहत सेक्टर- 94A, 96, 96A, 97A, 99, 101, 102, 103, 140, 141, 142 के रूप में नए सेक्टर बसेंगे. इनके बाद, शहर में कुल 102 सेक्टर हो जाएंगे. इनमें रेजीडेंशियल, कॉमर्शियल और इंडस्ट्रीयल सेक्टर शामिल हैं.

अवैध निर्माण पर सख्ती

HSVP ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि इन सेक्टरों के लिए नोटिफाइड जमीन पर किसी भी प्रकार के निर्माण की अनुमति नहीं होगी. अवैध निर्माण पर पैनी नजर रहेगी. इससे भविष्य में किसी भी तरह की कानूनी जटिलताओं से बचा जा सकेगा और विकास कार्य सुचारू रूप से सम्पन्न हो सकेंगे.

आर्थिक विकास का नया केंद्र

इन नए सेक्टरों में से करीब आधा दर्जन सेक्टर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के साथ- साथ बसाएं जाएंगे. इससे इन क्षेत्रों में आवाजाही आसान होगी और निवेश के बेहतर अवसर पैदा होंगे. बेहतर सड़क नेटवर्क, सार्वजनिक परिवहन सुविधाएं और औद्योगिक व व्यवसायिक गतिविधियों के विस्तार से यह क्षेत्र आर्थिक विकास का नया केंद्र बनेगा. इन सेक्टरों में आधुनिक आवासीय और व्यवसायिक परिसरों के साथ- साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, मनोरंजन और हरित क्षेत्र जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएगी. मल्टी- मॉडल टांसपोर्ट नेटवर्क भी होगा.

लैंड पुलिंग योजना के तहत निजी भूमि मालिकों से भूमि अधिग्रहित करने के बजाय एक निश्चित अनुपात में विकसित कर वापस दी जाएगी. इससे न केवल भूमि अधिग्रहण की जटिलताओं से बचा जा सकेगा, बल्कि किसानों- भूसंपत्तिधारकों को भी लाभ मिलेगा. इस मॉडल से शहर का व्यवस्थित विकास होगा.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.