गुरुग्राम | भारत में चिकित्सा क्षेत्र तेजी से तकनीक के साथ आगे बढ़ रहा है. आने वाले समय में कैंसर के इलाज में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. फोर्टिस हेल्थकेयर के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ डॉ. आशुतोष रघुवंशी ने गुरुग्राम में आयोजित एक कार्यक्रम में बताया कि फोर्टिस जल्द ही कैंसर मरीजों के इलाज के लिए ‘प्रोटॉन रेडिएशन’ जैसी अत्याधुनिक तकनीक शुरू करने की तैयारी कर रहा है.

कार्यक्रम के दौरान डॉ. रघुवंशी ने कहा कि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम लगातार मजबूत हो रहा है, खासकर हेल्थकेयर सेक्टर में तेजी से नए इनोवेशन देखने को मिल रहे हैं. उन्होंने बताया कि फोर्टिस ने हाल ही में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े 3 प्रमुख स्टार्टअप्स के साथ साझेदारी की है.
रोबोटिक सर्जरी
ये स्टार्टअप्स अलग- अलग मेडिकल क्षेत्रों में नई तकनीकों और बेहतर समाधान विकसित करने पर काम कर रहे हैं. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक सर्जरी को लेकर लोगों के मन में मौजूद आशंकाओं पर भी उन्होंने अपनी बात रखी. डॉ. रघुवंशी ने कहा कि मरीजों को नई तकनीकों से घबराने की जरूरत नहीं है. उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में AI का सबसे बड़ा उपयोग बीमारियों की शुरुआती और सटीक पहचान करने में हो रहा है. बीमारी का समय रहते पता चलने से इलाज आसान हो जाता है और मरीज के पूरी तरह स्वस्थ होने की संभावना भी बढ़ जाती है.
चिकित्सा क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि
रोबोटिक सर्जरी हर मरीज के लिए उपयुक्त नहीं होती. इसका उपयोग मरीज की मेडिकल स्थिति और जरूरत के अनुसार किया जाता है. आधुनिक तकनीक की मदद से अब कई मामलों में दूर बैठे विशेषज्ञ डॉक्टर भी सफलतापूर्वक रिमोट सर्जरी कर रहे हैं जिसे चिकित्सा क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. फोर्टिस हेल्थकेयर की भविष्य की योजनाओं का जिक्र करते हुए डॉ. रघुवंशी ने कहा कि संस्थान का सबसे बड़ा लक्ष्य मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है. इसी दिशा में फोर्टिस अपने मौजूदा अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ा रहा है. उन्होंने बताया कि हाल ही में जालंधर और बेंगलुरु के नए अस्पतालों को भी फोर्टिस नेटवर्क से जोड़ा गया है.