गुरुग्राम | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से जुड़े गुरुग्राम में यातायात के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए ग्रेटर एसपीआर रोड के निर्माण को गति मिलेगी. यह भोंडसी के नजदीक से गुरुग्राम- सोहना हाईवे से लेकर मानेसर से आगे दिल्ली- जयपुर हाईवे तक बनाया जाएगा. इसके ऊपर लगभग 12 हजार करोड़ रुपए खर्च का अनुमान है. इसके निर्माण से नए गुरुग्राम के कई इलाकों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्विटी बेहतर हो जाएगी.
दबाव कम करने में सहायक
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत ने जिला विकास समन्वय एवं निगरानी कमेटी की बैठक में अधिकारियों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि ग्रेटर एसपीआर रोड का एक छोर मानेसर के नजदीक जुड़ रहा है. उन्होंने बैठक में मौजूद NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर योगेश तिलक को निर्देश दिए है कि वे ग्रेटर एसपीआर के दिल्ली- जयपुर नेशनल हाईवे वाले जुड़ाव को ध्यान में रखते हुए ही मानेसर एलिवेटेड फ्लाईओवर की रचना करें, ताकि भविष्य में जुड़ाव वाले बिंदु पर जाम की स्थिति न रहे.
उन्होंने जिला अधिकारियों को भी निर्देश दिए है कि वे NHAI के साथ संयुक्त बैठक कर इसकी रूपरेखा तैयार करें. उन्होंने कहा कि गुरुग्राम के शहरी यातायात के बढ़ते दबाव को दूर करने के लिए ग्रेटर एसपीआर का जल्द निर्माण आवश्यक है.
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू
केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रेटर एसपीआर के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य जल्द- से- जल्द शुरू किया जाए. ग्रेटर एसपीआर के निर्माण के बाद नए गुरुग्राम के सेक्टरों का जुड़ाव सीधा दिल्ली- जयपुर नेशनल हाईवे से हो जाएगा. केंद्रीय मंत्री ने मौजूदा NH- 248 से वाटिका चौक व वाटिका चौक से घाटा तक बनने वाले एलिवेटेड एसपीआर रोड के बारे में भी अधिकारियों से समीक्षा की.
अधिकारियों ने कहा कि एलिवेटेड रोड को बनाने के लिए टेंडर प्रक्रिया का काम शुरू कर दिया गया है. केंद्रीय मंत्री ने वाटिका चौक पर बनने वाले लिफ ओवर के संबंध में जानकारी ली. अधिकारियों को कहा कि भूमि अधिग्रहण के लिए प्रक्रिया तेज की जाएं.
