गुरुग्राम | हरियाणा से दिल्ली के बीच सड़क कनेक्टिविटी बेहतर करने की दिशा में एक नई अड़चन खड़ी हो गई है. बता दें कि गुरुग्राम में ऊपरी द्वारका एक्सप्रेसवे (दिल्ली- नजफगढ़ रोड) के दिल्ली वाले हिस्से में चौड़ाई बढ़ाने के लिए हरियाणा सरकार (Haryana Govt) ने निर्माण और जमीन अधिग्रहण की राशि में आधी हिस्सेदारी करने से इंकार कर दिया है.
हरियाणा सरकार के उच्च अधिकारियों ने फैसला लिया है कि यह सड़क मार्ग दिल्ली के हिस्से में आता है. ऐसे में इसके निर्माण और जमीन अधिग्रहण पर आने वाली धनराशि को दिल्ली सरकार को वहन करना होगा.
हरियाणा सरकार ने शेयर से खींचे हाथ
दिल्ली सरकार के आंकलन के मुताबिक, इसकी चौड़ाई बढ़ाने के लिए 25 एकड़ जमीन अधिग्रहण की जानी है. ऐसे में जमीन अधिग्रहण पर 53 करोड़ रूपए और निर्माण पर 50 करोड़ रूपए खर्च होगा. वर्तमान में हरियाणा के हिस्से में ऊपरी द्वारका एक्सप्रेसवे (सेक्टर- 99 से लेकर 108 और 114- 115 की मुख्य सड़क तक) सिक्स लेन का है. जमीन करीब 75 मीटर उपलब्ध है. दिल्ली में 1.738 किलोमीटर हिस्से में इस सड़क की चौड़ाई करीब 10 मीटर है.
दिल्ली- NCR में ट्रैफिक संचालन को सुगम बनाने के लिए एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की अध्यक्षता में पिछले साल इस सिलसिले में हरियाणा और दिल्ली सरकार के अधिकारियों के बीच बैठक हुई थी. दिल्ली सरकार के शहरी विकास विभाग ने इस सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के लिए करीब 103 करोड़ रुपये का खर्चा आने की बात रखी थी. बैठक में इस सड़क के निर्माण में दोनों सरकारों की हिस्सेदारी होने की बात रखी गई थी.
दिल्ली- गुरुग्राम कनेक्टिविटी का नया रास्ता
गुरुग्राम मेट्रो डिवलेपमेंट ऑथोरिटी (GMDA) ने इस प्रस्ताव को हरियाणा सरकार के समक्ष रखकर मंजूरी लेने की बात कही थी. अब हरियाणा सरकार ने फैसला लिया है कि राज्य के हिस्से में इस सड़क मार्ग की चौड़ाई बढ़ाने और जमीन अधिग्रहण पर आने वाले खर्च को वहन करने के लिए तैयार है, लेकिन दिल्ली के हिस्से में सड़क मार्ग की चौड़ाई बढ़ाई और जमीन अधिग्रहण पर आने वाले खर्च को दिल्ली सरकार को वहन करना होगा. हरियाणा सरकार के इस फैसले को GMDA के अधिकारियों ने दिल्ली सरकार के शहरी विकास मंत्रालय को सूचित करवा दिया है.
सेक्टर- 108 और 109 की मुख्य सड़क को पार करने के बाद दिल्ली का राघोपुर गांव शुरू हो जाता है. करीब 1.357 किलोमीटर लंबी इस सड़क मार्ग की चौड़ाई 10 मीटर है. इसके बाद सेक्टर- 114 और 115 की मुख्य सड़क आ जाती है. यदि इस सड़क मार्ग की चौड़ाई बढ़ती है, तो दिल्ली से गुरुग्राम के बीच सड़क कनेक्टिविटी का एक और रास्ता उपलब्ध होगा.
अभी द्वारका एक्सप्रेसवे, एमजी रोड और दिल्ली- जयपुर हाइवे (NH- 48) के माध्यम से दिल्ली से गुरुग्राम के बीच कनेक्टिविटी है. इस सड़क मार्ग के निर्माण से सेक्टर- 99A से लेकर सेक्टर- 115 तक विकसित रिहायशी सोसायटियों के अलावा गांव दौलताबाद, चौमा, धनवापुर, धर्मपुर और दिल्ली के गांव राघोपुर व बिजवासन के लोगों को फायदा होगा.
ट्रैफिक जाम से जूझते लोग
सेक्टर- 102 के लोगों का कहना है कि ऊपरी द्वारका एक्सप्रेस-वे से नजफगढ़ का सफर करना आसान है, लेकिन दिल्ली के हिस्से में सड़क मार्ग की चौड़ाई बहुत ही कम है. इसके चलते यहां लोगों को पीक आवर्स के दौरान भयंकर ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ता है. यदि इस सड़क मार्ग की चौड़ाई बढ़ाई जाए, तो दिल्ली से जुड़ाव आसान हो जाएगा.
