हिसार । कहते हैं सच्ची लगन और मेहनत से कुछ करने की ठान ली जाएं तो असंभव कुछ भी नहीं होता है. अपनी सकारात्मक सोच के साथ इस कहावत को सार्थक कर दिखाया है करनाल निवासी नितिन ललित ने . नितिन कनाडा में जॉब करते थे , लाखों रुपए की आमदनी थी . लेकिन दुनिया से हटकर कुछ अलग करने की चाहत हुईं तो नौकरी छोड़ कर इंडिया वापस आ गए. इंजिनियरिंग मे महारत हासिल थी तो अपने देश में कुछ अलग करने की ठानी. इस दौरान प्लास्टिक वेस्ट और जल संरक्षण का ख्याल उनके मन में बार-2 घूम रहा था . ऐसे में उन्होंने अथक प्रयासों से एक विशेष फ्लावर पोट तैयार किया.

पहले पौधों को अच्छी ग्रोथ देने पर जोर
नितिन ललित ने पहले पौधों को अच्छी ग्रोथ देने के लिए यह आविष्कार किया. जब इसके सकारात्मक परिणाम आएं और पानी की खपत भी कम से कम हुई तो यहीं आविष्कार एक स्टार्टअप में तब्दील हो गया. इसको स्टार्टअप तक पहुंचाने में अहम रोल अदा किया हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के एग्री-बिजनेस इन्क्यूबिशन सेंटर ने . यहां से फंडिंग मिली तो बिजनेस आगे बढ़ने लगा. ललित ने इसी प्रयोग में सुधार किया और फ्लावर पोट से बड़े-2 ढांचे तैयार कर दिए ,जिसकी सहायता से आप अपने घर की छत पर भी इनमें सब्जियां उगा सकते हैं.
ऐसे किया जल संरक्षण और प्लास्टिक वेस्ट का प्रयोग
नितिन ललित ने बताया कि सबसे पहले प्लास्टिक की बोतलों को रिसाइकिल कर एक विशेष ढांचे में बदला , जिसमें जड़ों का फैलाव आसानी से हों सकें. वहीं औसतन साल भर में एक पौधे को जितने पानी की जरूरत होती है , उससे 60% कम पानी इस पाट में लगता है. इस तरह से जल संरक्षण भी हो गया.
अल्फा प्लांटर्स नाम से कंपनी
अब इस प्रोजेक्ट को देश- प्रदेश के हर कोने में पहुंचाने के लिए नितिन ने एल्फा प्लांटर्स नाम से कंपनी बनाई है. छत पर सब्जियां उगाने वाले पाट की कीमत करीब नौ हजार रुपए है तो वहीं छोटे-2 गमलों की अलग-अलग कीमत है. इस पाट में सभी तरह की सब्जियां उगाई जा सकती है.
