झज्जर | हरियाणा में फुटवियर उद्योग से जुड़ी एक अच्छी खबर सामने आई है. यूरोपिय यूनियन के साथ मुफ्त व्यापार समझौते (FTA) के बाद अब 1 फरवरी को पेश हुए केंद्रीय बजट से भी बहादुरगढ़ के फुटवियर उद्योग को नई ऊर्जा मिली है. अच्छी खबर यह है कि चीन और वियतनाम से बहादुरगढ़ के नॉन लैदर फुटवियर उद्योग के लिए जो कच्चा माल (अपर) आता है उसपर लगने वाली साढ़े 7% कस्टम ड्यूटी खत्म कर दी गई है.
बजट में हुई बड़ी घोषणा
इसका सीधा फायदा फुटवियर उद्योग को मिलेगा और लागत कम आने के साथ- साथ नए डिजाइन सामने आएंगे. बता दें कि पूरे भारत के नॉन लैदर फुटवियर उत्पादन में बहादुरगढ़ के फुटवियर उद्योग की 63 फीसदी हिस्सेदारी है. यहां पर 2 हजार से ज्यादा फुटवियर डिजाइनिंग संचालित हो रहे हैं जहां रोजाना 1 करोड़ से ज्यादा जूतों का निर्माण होता है.
पिछले दिनों जब यूरोपिय यूनियन के साथ मुफ्त व्यापार समझौता हुआ तो उससे आधुनिक मशीनों के एक्सपोर्ट की संभावना मजबूत हुई और अब बजट में की गई घोषणा का इस उद्योग को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा.
जूते सस्ते होने की जगी उम्मीद
बता दें कि बहादुरगढ़ में HSIIDC की ओर से NH- 9 के साथ फुटवियर पार्क विकसित किया गया है जहां लाखों की संख्या में लोग काम करते हैं. इन उद्योगों के लिए चीन और वियतनाम से कच्चा माल आता है. खास तौर पर जूतों के अपर (ऊपरी भाग) का आयात किया जाता है.
इसपर अब तक साढ़े 7% आयात शुल्क लगता था लेकिन वित्त वर्ष 2026- 27 के बजट में केंद्र सरकार ने इस शुल्क को हटाने की घोषणा कर दी है. इससे फुटवियर उद्योग में नई क्रांति आएगी और जूतों के निर्माण पर कम लागत आएगी. इसका सीधा फायदा आमजन को मिलेगा क्योंकि जूते सस्ते हो जाएंगे.
