कैथल । शनिवार को संगतपुरा टोल प्लाजा को खाली कराने के लिए कैथल प्रशासन टोल स्थल पर पहुंच गया. वहां धरना दे रहे किसानों ने साफ शब्दों में कह दिया कि जब तक केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए तीनों कृषि कानून रद्द नहीं होते तब तक किसान धरना प्रदर्शन बंद नहीं करेंगे और टोल से नहीं उठेंगे. अगर किसानों को टोल से हटाने के लिए कैथल पुलिस प्रशासन ने जबरदस्ती की और बल का प्रयोग किया तो सरकार को आने वाले समय में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा.
शनिवार को पुलिस फोर्स डीएसपी कुलवंत सिंह की अगुवाई में संगतपुरा टोल प्लाजा पर पहुंच गई. उन्होंने वहाँ उपस्थित किसानों से कहा कि आला अधिकारियों ने उन्हें आदेश दिए हैं कि जल्द से जल्द टोल प्लाजा को खाली करवाया जाए. इसलिए किसान स्वयं टोल प्लाजा को खाली कर दें और टोल प्लाजा वालों को टोल वसूल करने दे. परंतु वहां उपस्थित किसानों ने कहा कि वह सब यहां बैठकर शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. अपनी मांगों को सरकार के सामने रखने का सभी को अधिकार है. उन्होंने कहा कि यहां पर कोई भी असामाजिक तत्व उपस्थित नहीं है. यहां पर किसी तरह की घटिया हरकत नहीं होगी.
आसपास के गांवों से इकट्ठे हुए किसान
जैसे ही टोल प्लाजा पर पुलिस के आने की खबर आसपास के क्षेत्रों में फैली भारी संख्या में किसान गांव से टोल प्लाजा पर आने लगे. किसानों ने वहां आते ही नारेबाजी आरंभ कर दी. साथ ही नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की. किसानों ने कहा कि नए कृषि कानूनों को वापस ले लिया जाए. उसके पश्चात टोल प्लाजा को स्वतंत्र कर दिया जाएगा. इसी दौरान किसान भरत सिंह बेनीवाल ने जानकारी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने जोर जबरदस्ती से टोल प्लाजा को खुलवाया तो किसान यह किसी भी हालत में सहन नहीं करेंगे.
एसडीएम और तहसीलदार ने की याचना
नायब तहसीलदार ईश्वर सिंह और एसडीएम संजय कुमार ने किसानों से याचना की कि किसान टोल से हट जाएं और किसी अन्य स्थान पर धरना दें. परंतु किसानों ने एक नहीं मानी. किसानों ने अधिकारियों को कहा कि वह तब तक धरना प्रदर्शन रोक नहीं सकते जब तक उन्हें दिल्ली से उनके बड़े अधिकारियों का आदेश नहीं आता.
