नई दिल्ली | ग्रामीण रोजगार की सबसे बड़ी योजना मनरेगा में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. दरअसल, केंद्र सरकार ने नई व्यवस्था “विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)” VB- G RAM G जी राम जी लागू करने की घोषणा की है, जो मौजूद मनरेगा की जगह लेगी. यह बदलाव ग्रामीण रोजगार को केवल मजदूरी योजना तक सीमित न रखकर उसे ग्रामीण विकास, बुनियादी ढांचे और आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण से जोड़ेगा. इस माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाने और ग्रामीण आय में सुधार लाना लक्ष्य रखा गया है.

2005 में शुरू हुई योजना
वर्ष 2005 में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (नरेगा) के रूप में शुरू हुई यह योजना वर्ष 2010 में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) बनी थी. अब केंद्र सरकार ने वर्ष 2026 में इसका नया नाम “जी राम जी” यानि विकसित भारत गारंटी फार रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) रखा है.अब केंद्र सरकार ने वर्ष 2026 में इसका नया नाम “जी राम जी” यानि विकसित भारत गारंटी फार रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) रखा है. सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य ग्रामीण रोजगार, आजीविका और गांवों के बुनियादी विकास को एक साथ जोड़ना है. 1 जुलाई 2026 से यह कानून देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होगा और उसी दिन से मनरेगा अधिनियम को निरस्त माना जाएगा.
क्या होंगे बदलाव?
अब तक मनरेगा के तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को साल में 100 दिन के रोजगार की गारंटी थी. नई योजना में इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है. इसके अलावा नई योजना में केवल मजदूरी नहीं, बल्कि जल संरक्षण, ग्रामीण सड़कें, आजीविका से जुड़ी परिस्थितियां, जल सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन से जुड़े कार्यों पर विशेष जोर दिया जाएगा. इसके साथ ही, वर्तमान में चल रहे सभी कार्य अपने आप नई योजना में शामिल हो जाएंगे और पुराने जॉब कार्ड तब तक मान्य रहेंगे, जब तक नए रोजगार गारंटी कार्ड जारी नहीं हो पाते.