हरियाणा के किसान बलविंदर को आलू की खेती ने बनाया मालामाल, आज लाखों रूपए में पहुंची कमाई

कैथल | पारम्परिक खेती लगातार घाटे का सौदा साबित हो रही है, लेकिन आधुनिकता के इस युग में प्रगतिशील किसान (Farmer) बागवानी और ऑर्गेनिक खेती से आज अपने आप को आर्थिक रूप से समृद्ध कर रहे हैं. विभिन्न संसाधनों का उपयोग करते हुए आज किसान कम लागत में अधिक मुनाफा कमा रहे हैं. ऐसे ही एक प्रगतिशील किसान का उदाहरण कैथल जिले के गांव बाबा लदाना निवासी बलविंदर सिंह भूट्टों ने पेश किया है, जो आलू की खेती से आज लाखों रूपए कमा रहा है.

Farmer Balwinder Singh Kaithal compressed

12 साल से कर रहे आलू की खेती

बाबा लदाना निवासी बलविंदर सिंह आज परम्परागत खेती से हटकर कुछ अलग तरह की खेती से आज लाखों रूपए मुनाफा कमा रहा है. 45 वर्षीय बलविंदर अपने खेतों में आलू की खेती करते हैं. आलू बेचने के अलावा वो इसके बीज को भी मार्केट में बेचते हैं, जिससे इन्हें दोगुना मुनाफा होता है.

बलविंदर सिंह ने बताया कि इस बार मार्केट में आलू का अच्छा भाव मिलने से किसानों को और ज्यादा आमदनी हो रही है. पिछले कुछ सालों की बजाय इस साल आलू का भाव 1,700 से 1,800 रूपए प्रति क्विंटल तक मिला है. इस बार अच्छी पैदावार व बढिया भाव मिलने के चलते आलू की खेती करने वाले किसानों को अच्छा- खासा मुनाफा मिल रहा है.

बागवानी खेती करने की सलाह

उन्होंने बताया कि वो पिछले 12 साल से आलू की खेती कर रहे हैं. आलू की फसल तीन महीने में पककर तैयार हो जाती है. इसके बाद, उसी जमीन पर दूसरी फसल उगाई जाती है.

बलविंदर सिंह ने बताया कि आलू, धान और मक्के की खेती के अलावा वह आलू के बीज भी बेचते हैं. किसानों और युवाओं से आग्रह करते हुए कहा कि बागवानी और ऑर्गेनिक खेती से किसान अपनी जिंदगी बदल सकते हैं. कम लागत में अधिक मुनाफा कमाकर किसान खुद की आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.