करनाल | हरियाणा में कई ऐसे पुराने मंदिर हैं, जिनसे लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। इन धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालु सालभर पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं, लेकिन नवरात्र के दिनों में यहां की रौनक कुछ अलग ही होती है। ऐसा ही एक मंदिर गांव पाढ़ा में स्थित है, जहां माता वैष्णो देवी के दर्शन करने के लिए आसपास के जिलों से भी भक्त पहुंचते हैं।गांव पाढ़ा का माता वैष्णो देवी मंदिर महाभारत काल से जुड़ी धार्मिक मान्यता के लिए जाना जाता है।

यहां माता के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। नवरात्र के अवसर पर मंदिर में अखंड ज्योत प्रज्वलित की गई है और श्रद्धालु परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। स्थानीय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर का संबंध महाभारत काल से माना जाता है।
होती है भीड़
मंदिर में हर महीने आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालु आते हैं। कई भक्त अपनी मनोकामना लेकर माता के दरबार में धागा बांधते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं। मंदिर में पूरे महीने अखंड ज्योत जलाने की परंपरा बताई जाती है। इसके बाद भंडारे का आयोजन किया जाता है। वहीं, नवरात्र के दौरान सुबह-शाम माता की आरती, दीप प्रज्वलन और भजन होते हैं। कई श्रद्धालु व्रत रखकर माता की आराधना करते हैं।
जानें खासियत
मंदिर के पुजारी राकेश पंडित के अनुसार, मां वैष्णो देवी की आराधना से भक्तों को कठिन परिस्थितियों में धैर्य और साहस बनाए रखने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने बताया कि नवरात्र में विधि-विधान से पूजा करने और अखंड ज्योत प्रज्वलित करने का विशेष धार्मिक महत्व है। इसी बीच श्रद्धालु नीलम रानी ने कहा कि नवरात्र का पर्व पूजा के साथ अच्छे संस्कारों, संयम और नारी शक्ति के सम्मान का संदेश भी देता है।