श्रद्धा मर्डर केस: हर रोज हो रहे नए खुलासे, ये 9 गवाह आफताब को दिलाएंगे फांसी

नई दिल्ली | दिल्ली के श्रद्धा मर्डर केस में हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं. आरोपी आफताब की पुलिस रिमांड खत्म होने वाली है. बाकी समय में पुलिस को और भी कई सबूत जुटाने है. इस बीच आफताब का नार्को टेस्ट भी होना है. दिल्ली पुलिस की अलग-अलग टीमें मुंबई, दिल्ली, गुरुग्राम, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में जांच में जुटी हैं. अभी तक नौ ऐसे गवाह मिल चुके हैं, जो श्रद्धा हत्याकांड में आफताब को फांसी दिलाने में अहम साबित हो सकते हैं. इस मामले में उनकी गवाही बेहद अहम हो गई है. इनमें से कुछ श्रद्धा के दोस्त हैं तो कुछ आफताब के पड़ोसी और डॉक्टर हैं. आइए जानते हैं इन नौ गवाहों के बारे में सब कुछ.

Shraddha Murder Case

नौ गवाह जो आफताब के लिए खड़ी कर देंगे मुश्किलें

राहुल राय (श्रद्धा का दोस्त): श्रद्धा डर गई थी. उसने मुझे बताया कि आफताब ने उस पर चार से पांच बार हमला किया था. उसे मारने का प्रयास किया. वह बात करते-करते उस पर हाथ उठा देता था.

गॉडविन (श्रद्धा का सहायक): एक दिन उनका (श्रद्धा) से झगड़ा हो गया. उसका गला दबा दिया गया था. उसे कई तरह की चोटें आई थीं फिर वह घर से भाग गई. उसे तत्काल मदद की जरूरत थी, फिर मैं उसे थाने ले गया.

लक्ष्मण नादर (श्रद्धा के दोस्त: एक बार दोनों के बीच झगड़ा हो गया, फिर श्रद्धा ने मुझे मैसेज किया. उन्होंने कहा कि प्लीज मेरे घर आइए और मुझे यहां से निकालिए. घर में रहूंगी तो आफताब मुझे मार डालेगा. उस दिन हम दोस्तों ने उसे घर से निकाल भी दिया था. तब हमने आफताब को चेतावनी भी दी थी. तब श्रद्धा ने मना कर दिया कि अब ऐसा नहीं करना चाहिए.

शिवानी म्हात्रे (श्रद्धा की दोस्त): श्रद्धा ने मुझे कई बार आफताब की हरकतों के बारे में मैसेज और फोन कॉल के जरिए बताया था. वह हमेशा उसके साथ मारपीट करता था. श्रद्धा शुरू से ही टॉर्चर झेल रही थी.

रजत शुक्ला (श्रद्धा की सहपाठी): श्रद्धा को समझने की कोशिश करेंगे तो पता चलेगा कि वह बहुत जिंदादिल इंसान थीं. वह हमेशा एक खुशमिजाज लड़की थी. बहुत ही निडर और मजबूत थी. आफताब जिस तरह से कहानी गढ़ रहा है कि वह उस पर शादी का दबाव बना रही थी, यह झूठ है. आफताब खुद को बेचारा साबित करने की फिराक में है.

करण (श्रद्धा का मैनेजर): मैंने पिछले साल नवंबर में श्रद्धा के साथ मारपीट के बारे में पुलिस को बताया था, जिसकी सूचना उन्होंने पुलिस को भी दी. मैंने उसकी मदद की और उसे अस्पताल भी ले गया.

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विकास वल्कर (श्रद्धा के पिता): श्रद्धा पूरी तरह से आफताब के कंट्रोल में थी. बहला-फुसलाकर घर से ले गया और मारपीट करता था.

डॉ. शिवप्रसाद शिंदे: मुंबई के ओजोन अस्पताल के डॉ. शिवप्रसाद शिंदे ने मीडिया को बताया है कि 3 दिसंबर 2020 को श्रद्धा उनके पास इलाज के लिए आईं. उसके शरीर पर चोट के निशान शारीरिक हिंसा के हैं लेकिन उसने खुलकर कुछ नहीं बताया. उसकी गर्दन और पीठ में गंभीर चोटें आई हैं. डॉ. शिवप्रसाद शिंदे के मुताबिक, जब आफताब श्रद्धा को अस्पताल लेकर आया तो उसने उसे अपनी पत्नी बताया. श्रद्धा की गर्दन और पीठ में दर्द था और ठीक से चल भी नहीं पा रही थी. उन्होंने तीन दिनों तक फिजियोथेरेपी भी ली. हमने तीन दिन बाद श्रद्धा को डिस्चार्ज कर दिया. उसका इलाज जारी रहना था लेकिन उसने न तो फोन उठाया और न ही कभी वापस लौटी.

डॉ. अनिल: श्रद्धा के शव के टुकड़े करने के दौरान आफताब का हाथ भी कट गया, फिर उन्होंने डॉ. अनिल कुमार से अपना इलाज करवाया. डॉक्टर ने कहा, ‘मई में वह सुबह आया था. मेरे सहायक ने मुझे बताया कि एक व्यक्ति आया है जो घायल है. देखा तो गहरा घाव नहीं था, छोटा सा घाव था. जब मैंने उससे पूछा कि चोट कैसे लगी तो उसने बताया कि फल काटते समय चोट लग गई. मुझे कोई संदेह नहीं था, क्योंकि यह एक छोटा सा चाकू का घाव था. उस समय वह घबरा गया था.

अब तक क्या सबूत मिले हैं?

13 से ज्यादा हड्डियां बरामद आफताब की निशानदेही पर छतरपुर और महरौली के जंगलों से अब तक 13 से ज्यादा हड्डियां बरामद हो चुकी हैं. उनकी भी जांच की गई है. ये इंसानी हड्डियां ही हैं. अब इसका डीएनए टेस्ट और पोस्टमॉर्टम किया जाएगा. पुलिस को अभी तक श्रद्धा का सिर और धड़ नहीं मिला है.

18 अक्टूबर का सीसीटीवी फुटेज मिला

पुलिस को कई सीसीटीवी फुटेज भी मिले हैं. इसमें आरोपी कैद है. बताया जा रहा है कि आरोपी आफताब ने श्रद्धा की हत्या के दो दिन बाद शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए थे. उसी दिन शाम साढ़े चार से साढ़े सात बजे के बीच आफताब ने जंगल में कुछ टुकड़े फेंके थे जबकि सिर, धड़ और हाथ-पैर की उंगलियों को फ्रिज में रखा गया था. इन टुकड़ों को करीब पांच महीने बाद 18 अक्टूबर को जंगल में फेंक दिया गया. इसका सीसीटीवी पुलिस को मिला है. इसमें वह बैग लटकाए नजर आ रहे हैं.

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किचन में मिले थे खून के धब्बे

आफताब के किचन में भी कुछ जगहों पर खून के धब्बे मिले थे. अब पुलिस इसकी जांच कर रही है. इसके अलावा जिस फ्रिज में श्रद्धा की डेड बॉडी रखी थी, उसे भी पुलिस ने बरामद कर लिया है.

श्रद्धा के खाते से ट्रांसफर हुए पैसे

आफताब ने श्रद्धा के खाते से 55 हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर किए थे. इसकी डिटेल भी पुलिस को मिल गई है. पुलिस के मुताबिक, इन पैसों से आफताब ने श्रद्धा के शव को ठिकाने लगाने के लिए परफ्यूम और अन्य सामान खरीदा था.

इंटरनेट की सर्च हिस्ट्री से भी मिलीं कई चीजें श्रद्धा को मारने के बाद आफताब ने उसका पता लगाने के लिए इंटरनेट पर काफी सर्च किया था. इसमें उन एसिड के बारे में भी पता लगाया गया, जिनके जरिए खून के दाग को हटाया जा सकता था. आफताब ने इसी का इस्तेमाल कर फ्रिज से खून के धब्बे साफ किए थे. इसके अलावा, इसका इस्तेमाल बाथरूम में भी किया जाता था.

घर से हथियार जैसी चीज बरामद

आरोपी आफताब के घर से पुलिस ने एक धारदार हथियार बरामद किया है. पुलिस को शक है कि इसके जरिए शव के टुकड़े-टुकड़े किए गए. हालांकि, अभी इसकी पुष्टि होनी बाकी है. पुलिस ने घर से सारे कपड़े भी बरामद कर लिए हैं. गुरुग्राम में आफताब जहां काम करता था, वहां से एक काली पॉलीथिन भी बरामद की गई है. बताया जा रहा है कि इसमें पुलिस को हत्या से जुड़े अहम सुराग मिले हैं.

दोस्तों से चैटिंग भी सबूत

आफताब ने कई बार श्रद्धा को बुरी तरह पीटा था. इस बात की जानकारी श्रद्धा ने ऑफिस में अपने दोस्तों और टीम लीडर को दी. श्रद्धा ने बताया था कि आफताब ने उसे इतनी जोर से मारा था कि वह उठ भी नहीं पा रही थीं. उसका बीपी भी लो हो गया है. ये सभी मैसेज वॉट्सऐप और मैसेंजर चैटिंग में सेव रहते हैं. श्रद्धा ने कुछ तस्वीरें अपने दोस्तों को भी भेजी थीं, जिनमें उन्हें गंभीर चोटें आई हैं. अब पुलिस इन चैट्स को आफताब के खिलाफ सबूत के तौर पर पेश करेगी.

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